नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) वेदांता लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि छत्तीसगढ़ के बिजली संयंत्र में हुआ विस्फोट एक दुखद घटना है और उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है।
घटना के लगभग दो सप्ताह बाद उन्होंने यह भी कहा कि संयंत्र के संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) की पूरी जिम्मेदारी एनटीपीसी और जीई की संयुक्त उद्यम एनजीएसएल को सौंपी गई थी।
अग्रवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ हमारे एथेना संयंत्र में हमने सुरक्षा के उच्चतम मानक लागू किए थे। संचालन एवं रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी एनजीएसएल को दी गई थी जो एनटीपीसी एवं जीई के बीच साझेदारी है और भारत की सबसे भरोसेमंद संस्थाओं में एक मानी जाती है। ठेकेदार, दल और तकनीकी विशेषज्ञता…सभी उन्हीं के थे। इसी भरोसे पर हमने संयंत्र का संचालन और रखरखाव उन्हें सौंपा था। फिर भी यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई।’’
उन्होंने इसकी तुलना वाहन मालिक के भरोसेमंद चालक को गाड़ी सौंपने से करते हुए कहा कि कभी-कभी सभी सावधानियों के बावजूद हादसे हो जाते हैं।
चेयरमैन ने कहा, ‘‘ वेदांता में हर अनुबंध में सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यही प्रतिबद्धता एनटीपीसी और जीई की भी रही है। इसके बावजूद जब ऐसी त्रासदी होती है तो यह बेहद दुखद है।’’
गौरतलब है कि 14 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के सिंहितराई गांव स्थित वेदांता के बिजली संयंत्र में बॉयलर से टरबाइन तक उच्च दबाव की भाप ले जाने वाली स्टील ट्यूब में विस्फोट हुआ था। इसमें 25 मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए।
वेदांता ने जान गंवाले वालों के घरवालों को 35 लाख रुपये मुआवजा एवं रोजगार सहायता तथा घायलों को 15 लाख रुपये देने की घोषणा पहले ही कर दी है।
इस घटना के संबंध में छत्तीसगढ़ पुलिस ने अग्रवाल सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है।
भाषा निहारिका रमण
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