Bilaspur GGU University : सेंट्रल यूनिवर्सिटी आपत्तिजनक टिप्पणी मामला, चार छात्रों पर FIR दर्ज, भगवान राम को लेकर की थी ये हरकत

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  • Publish Date - April 27, 2026 / 02:40 PM IST,
    Updated On - April 27, 2026 / 02:40 PM IST

Bilaspur GGU University

HIGHLIGHTS
  • GGU में आपत्तिजनक टिप्पणी पर 4 छात्रों पर FIR
  • भगवान राम और अंबेडकर पर टिप्पणी से भड़का विवाद
  • विरोध के बाद यूनिवर्सिटी ने बनाई जांच समिति

बिलासपुर। Bilaspur GGU University : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के गुरुघासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में भगवान राम और महापुरुषों पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में पुलिस ने सख्त रूप अपनाया है। इस मामले में यूनिवर्सिटी के चार छात्रों पर FIR दर्ज किया है।

ये पूरा मामला कोनी थाना क्षेत्र का है, जहां सेंट्रल यूनिवर्सिटी में लॉ डिपार्टमेंट के कुछ छात्रों ने भगवान राम, अंबेडकर सहित अन्य महापुरुषों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। वहीं अब यूनिवर्सिटी प्रबंधन की शिकायत के बाद पुलिस ने चार आरोपियों तूफानचंद्र नायक, अंशुमान सिंह, कौश्तुभमणि पांडे और प्रियांशु सिंह पर धारा 299,196,353(1C)और 115, 3(5) के तहत केस दर्ज किया है।

गौरतलब हो कि इस मामले से जुड़ा विवादित चैट भी सामने आया था। घटना के आमने आते ही हिंदुओं और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश जाहिर करते हुए यूनिवर्सिटी प्रबंधन (Bilaspur GGU University) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। जिसके बाद GGU प्रबंधन ने चार सदस्यीय जांच टीम का गठन भी किया था।

विवादों में रहा GGU

आपको बता दें कि इससे पहले 8 जनवरी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी में आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद कार्यक्रम में कुलपति और साहित्यकार के बीच जमकर विवाद और हंगामा हुआ था। कुलपति ने अपना खोते हुए साहित्यकार कथाकार को भरे कार्यक्रम से बाहर निकालने को कह दिया। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था।

 

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मामला किस यूनिवर्सिटी का है?

यह मामला बिलासपुर स्थित गुरुघासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) का है।

छात्रों पर क्या आरोप हैं?

छात्रों पर भगवान राम और अन्य महापुरुषों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है।

कितने छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है?

कुल चार छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

क्या इस मामले में विरोध प्रदर्शन हुआ?

हाँ, बजरंग दल सहित अन्य संगठनों ने विरोध जताया।

यूनिवर्सिटी ने क्या कदम उठाए हैं?

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है।