सुधा डेयरी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचकर किसानों की आय बढ़ाई जाएगी: मंत्री

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सुधा डेयरी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचकर किसानों की आय बढ़ाई जाएगी: मंत्री

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  • Publish Date - April 10, 2026 / 06:15 PM IST,
    Updated On - April 10, 2026 / 06:15 PM IST

पटना, 10 अप्रैल (भाषा) डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने शुक्रवार को कहा कि डेयरी किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभाग ‘सुधा’ डेयरी उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिक्री को और बढ़ावा देगा।

मेहता ने कहा कि बिहार राज्य दुग्ध सहकारी संघ लिमिटेड (कॉमफेड) का ब्रांड ‘सुधा’ पिछले वर्ष अमेरिका और कनाडा को अपने उत्पाद निर्यात कर चुका है और राज्य सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है ताकि सुधा उत्पादों का प्रचार-प्रसार और बिक्री बढ़ाई जा सके।

उन्होंने कहा, “दही, मिठाई और अन्य डेयरी उत्पादों सहित सुधा उत्पादों की मांग तब तक नहीं बढ़ेगी, जब तक वे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक नहीं पहुंचेंगे। सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुधा उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कदम उठा रही है।”

उल्लेखनीय है कि मार्च 2025 में सुधा ने 5.7 मीट्रिक टन घी अमेरिका तथा पांच मीट्रिक टन गुलाब जामुन कनाडा को निर्यात किया था। इस पहली खेप को पिछले वर्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रवाना किया था।

मंत्री ने कहा कि कॉमफेड पश्चिम एशियाई देशों में निर्यात की संभावनाएं तलाश रहा है। इसके तहत दुबई में आयोजित ‘गल्फूड 2025’ और ‘गल्फूड 2026’ में अपने उत्पाद प्रदर्शित किए गए। साथ ही सिंगापुर और मलेशिया जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में निर्यात की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।

मंत्री ने मेहता सूचना भवन के सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य के हर गांव में डेयरी सहकारी समिति स्थापित की जाएगी। पहले चरण में 24,248 गांवों में ऐसी समितियां बनाई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि राज्य की सभी 8,053 पंचायतों में सुधा बिक्री आउटलेट भी खोले जाएंगे। विभाग के सचिव शिरसाट कपिल अशोक ने बताया कि ये आउटलेट मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की लाभार्थियों को लॉटरी के माध्यम से आवंटित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि सुधा आउटलेट के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति के पास कम से कम 80 वर्ग फुट स्थान होना चाहिए। यदि किसी पुरुष के पास अपनी दुकान है और वह सुधा आउटलेट लेना चाहता है, तो कॉमफेड उसकी व्यावसायिक व्यवहार्यता की जांच के बाद उसे आउटलेट आवंटित करेगा।

मछली उत्पादन को लेकर मेहता ने कहा कि राज्य दूध और मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है। मछली बिक्री के लिए ‘फ्रेश कैच कियोस्क’ सुधा आउटलेट की तर्ज पर पटना सहित अन्य नगर निगम क्षेत्रों में इस महीने के अंत तक खोले जाएंगे।

उन्होंने कहा कि ‘फ्रेश कैच कियोस्क’ प्राथमिकता के आधार पर मछुआरा समुदाय के लोगों को आवंटित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में 2024-25 में मछली उत्पादन बढ़कर 9.59 लाख मीट्रिक टन हो गया, जो 2023-24 के 8.73 लाख मीट्रिक टन की तुलना में 9.85 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में मछली उत्पादन में राज्य नौवें स्थान से चौथे स्थान पर पहुंच गया है।

भाषा कैलाश रवि कांत पाण्डेय

पाण्डेय