मुंबई, 10 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस की मुंबई इकाई की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत प्रशासन पर विकास निधि के वितरण में ‘‘भेदभाव’’ करने का शुक्रवार को आरोप लगाया।
गायकवाड़ ने पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस पार्षदों के खिलाफ भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया और सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए समान आवंटन की मांग की।
वह मुंबई उत्तर-मध्य की सांसद भी हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि निकाय में मौजूद धनराशि किसी राजनीतिक दल की नहीं बल्कि मुंबई के लोगों की है और आवंटन में किसी भी प्रकार की असमानता यहां के नागरिकों के साथ अन्याय है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘बीएमसी में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से विपक्षी दलों के पार्षदों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। विकास निधि का वितरण सभी पार्षदों के बीच समान रूप से होना चाहिए। लेकिन, भाजपा पार्षदों को करोड़ों रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि कांग्रेस पार्षदों को केवल कुछ लाख रुपये ही आवंटित किए जा रहे हैं।”
गायकवाड़ ने महानगरपालिका की स्थायी समिति के पास मौजूद 800 करोड़ रुपये के विकास कोष का जिक्र करते हुए दावा किया कि सदन के नेता गणेश खंकर और स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे सहित भाजपा नेताओं को 20-20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जबकि उप महापौर संजय ग़ाधी को 10 करोड़ रुपये मिले।
गायकवाड़ ने कहा, ‘‘भाजपा पार्षदों को 2.25 करोड़ रुपये प्रति पार्षद दिए गए। इसके विपरीत कई विपक्षी पार्षदों को केवल 25 लाख रुपये ही मिले हैं। समाजवादी पार्टी, एआईएमआईएम और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) जैसी पार्टियों के पार्षदों को पर्याप्त धनराशि प्राप्त हुई है।’’
उन्होंने पूछा कि इन पार्टियों में भाजपा की क्या दिलचस्पी है और कांग्रेस को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है।
भाषा यासिर अविनाश
अविनाश