नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) भारतीय उर्वरक संघ (एफएआई) ने बृहस्पतिवार को यूरिया के लिए नई राष्ट्रीय निवेश नीति (एनआईपीयू)-2026 का स्वागत करते हुए इसे घरेलू यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में एक अहम कदम बताया।
इस नीति को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को मंज़ूरी दी थी। इसका मकसद एक करोड़ टन उत्पादन क्षमता वाले 8-9 नए गैस-आधारित यूरिया संयंत्र लगाना है।
एफएआई के सह-अध्यक्ष सिबा प्रसाद मोहंती ने बयान में कहा, ‘‘एनआईपीयू-2026 भारत के उर्वरक क्षेत्र की एक बड़ी संरचनात्मक चुनौती—बढ़ती मांग और स्थिर स्थानीय क्षमता के बीच के अंतर—को दूर करती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘नई नीति निवेशकों को जरूरी भरोसा देती है और यूरिया उत्पादन में भारत के पूरी तरह आत्मनिर्भर बनने का रास्ता साफ़ करती है।’’
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय