Uttarakhand Har Ghar Sarkar Program: मुख्यमंत्री धामी ने ‘हर घर सरकार’ कार्यक्रम में की शिरकत, प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश, कहा ‘सत्ता नहीं, सेवा हमारी प्राथमिकता’

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Uttarakhand Har Ghar Sarkar Program: मुख्यमंत्री धामी ने हर घर सरकार कार्यक्रम में भाग लिया, हरेला पर्व पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

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  • Publish Date - July 16, 2026 / 06:03 PM IST,
    Updated On - July 16, 2026 / 06:05 PM IST

Uttarakhand Har Ghar Sarkar Program || Image- ANI News File

HIGHLIGHTS
  • धामी ने हर घर सरकार कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
  • हरेला पर्व पर किया पौधारोपण।
  • जल और पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर।

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को ‘सेवा, सुशासन और समर्पण’ अभियान के तहत आयोजित ‘हर घर सरकार’ जनसंपर्क कार्यक्रम में हिस्सा लिया। (Uttarakhand Har Ghar Sarkar Program) इस दौरान उन्होंने हरेला पर्व के अवसर पर पौधारोपण भी किया और लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की।

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‘सत्ता नहीं, सेवा हमारी प्राथमिकता’ : सीएम धामी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता को विशेषाधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी माना है। उन्होंने कहा कि राजनीति को सेवा और जनकल्याण का माध्यम बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से सरकार लोगों के घर-घर तक पहुंचकर योजनाओं का लाभ उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सरलीकरण, समाधान, संकल्प और संतुष्टि के मंत्र पर काम कर रही है।

हरेला पर्व पर दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश

मुख्यमंत्री धामी ने हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड में यह पर्व प्राचीन समय से प्रकृति के सम्मान और संरक्षण के प्रतीक के रूप में मनाया जाता रहा है। (Uttarakhand Har Ghar Sarkar Program) उन्होंने लोगों से अपने पूर्वजों की परंपराओं को अपनाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की।

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जल स्रोतों को बचाने की भी अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ते जलवायु परिवर्तन के बीच प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से जल, जंगल और पर्यावरण की रक्षा करने तथा पारंपरिक जल स्रोतों को बचाने का आह्वान किया। उनके अनुसार, प्रकृति का संरक्षण ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत है।

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मुख्यमंत्री धामी ने किस कार्यक्रम में हिस्सा लिया?

उन्होंने 'सेवा, सुशासन और समर्पण' अभियान के तहत आयोजित 'हर घर सरकार' कार्यक्रम में भाग लिया।

हरेला पर्व पर मुख्यमंत्री ने क्या संदेश दिया?

उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने और प्रकृति संरक्षण को जनभागीदारी से मजबूत बनाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने किन विषयों पर विशेष जोर दिया?

उन्होंने जल स्रोतों, जंगलों, पर्यावरण संरक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया।