फीफा विश्व कप ट्रॉफी दिल्ली पहुंची, वर्ल्ड टूर के तहत तीन दिन भारत में रहेगी

फीफा विश्व कप ट्रॉफी दिल्ली पहुंची, वर्ल्ड टूर के तहत तीन दिन भारत में रहेगी

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  • Publish Date - January 10, 2026 / 08:42 PM IST,
    Updated On - January 10, 2026 / 08:42 PM IST

नयी दिल्ली, 10 जनवरी (भाषा) फीफा विश्व कप 2026 की असली ट्रॉफी शनिवार को अपने वर्ल्ड टूर के तहत भारत पहुंची, जो यहां तीन दिनों तक रहेगी। इस दौरान यह ट्रॉफी दो दिनों तक दिल्ली में रहेगी और उसके बाद इसे असम के गुवाहाटी ले जाया जाएगा। फीफा विश्व कप की शुरुआत 11 जून को होगी।

विश्व कप ट्रॉफी लगभग 12 साल के बाद भारत आई है। इस ‘ट्रॉफी टूर’ का आयोजन वैश्विक पेय कंपनी कोका-कोला कर रही है, जो फीफा विश्व कप की आधिकारिक भागीदार है।

यहां आयोजित एक समारोह में ब्राजील के पूर्व विश्व कप विजेता खिलाड़ी और फीफा दिग्गज गिलबर्टो सिल्वा तथा केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मंडाविया की उपस्थिति में इस असली ट्रॉफी का अनावरण किया गया।

इस अवसर पर मंडाविया ने कहा कि यह ट्रॉफी देश के युवाओं को फुटबॉल के खेल के प्रति प्रोत्साहित करेगी।

उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में खेल एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बनकर उभरा है। हम एक दशक के भीतर, यानी 2036 तक भारत को दुनिया के शीर्ष दस खेल राष्ट्रों में शामिल करने के लिए काम कर रहे हैं।”

कोका-कोला इंडिया और दक्षिण पश्चिम एशिया के अध्यक्ष संकेत रे ने कहा कि खेल राष्ट्र निर्माण का एक बहुत मजबूत और शक्तिशाली स्तंभ बनकर उभरा है।

उन्होंने कहा, ”इसकी वजह ‘विकसित भारत 2047’ के साथ निकटता से जुड़ी है, जहां युवा भारत विश्व मंच पर नेतृत्व करने, प्रतिस्पर्धा करने और उत्कृष्टता हासिल करने के लिए तैयार है। फीफा विश्व कप के साथ कोका-कोला का जुड़ाव खेलों और युवाओं पर इस राष्ट्रीय ध्यान को साकार करता है।”

उन्होंने बताया कि कोका-कोला 1978 से फीफा विश्व कप का आधिकारिक भागीदार रहा है और दुनिया भर में नियमित रूप से इसका प्रचार कर रहा है।

अपने वैश्विक टूर के दौरान, यह ट्रॉफी 150 से अधिक दिनों में 75 पड़ावों से गुजरते हुए 30 फीफा सदस्य संघों (देशों) का दौरा करेगी, जिससे प्रशंसकों को फुटबॉल के रोमांच और जुड़ाव को महसूस करने का एक अविश्वसनीय अवसर मिलेगा।

यह ट्रॉफी 18 कैरेट ठोस सोने से बनी है और इसका वजन 6.175 किलोग्राम है। इसमें दो मानव आकृतियों को पृथ्वी को थामे हुए दिखाया गया है।

भाषा पाण्डेय

पाण्डेय