UPSC Selection Fraud Claims: ट्रक ड्राइवर की बेटी ने किया UPSC में सेलेक्ट होने का दावा.. सामने आई सच्चाई तो हर कोई रह गया दंग, अब तक ये 5 कर चुके हैं फ्रॉड क्लेम

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UPSC Selection Fraud Claims: यूपीएससी रिजल्ट के बाद देशभर में पांच झूठे चयन दावे सामने आए, हमनाम का फायदा उठाकर अभ्यर्थियों ने किया फ्रॉड।

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  • Publish Date - March 12, 2026 / 06:09 PM IST,
    Updated On - March 12, 2026 / 06:09 PM IST

UPSC Selection Fraud Claim All Cases || Image- The Indian Express file

HIGHLIGHTS
  • यूपीएससी चयन के पांच झूठे दावे सामने
  • हमनाम उम्मीदवारों का फायदा उठाकर फ्रॉड
  • जांच में सामने आई असली अभ्यर्थियों की पहचान

UPSC Selection Fraud Claims: नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग के परीक्षा परिणामों का ऐलान कर दिया गया है। नतीजों में जिन अभ्यर्थियों ने कामयाबी हासिल की है, उनके परिवारजनों में हर्ष और खुशी का माहौल है और वहीं जो अभ्यर्थी असफल रहे, वे फिर से नए सिरे से इम्तिहान की तैयारियों में जुट गए हैं।

हालांकि इस बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां हमनाम होने का फायदा उठाकर नाकाम रहे परीक्षार्थी खुद के सेलेक्शन का दावा कर रहे हैं। ताजा मामला फैरूज फातिमा नाम की एक परीक्षार्थी के झूठे दावे से जुड़ा है। इस तरह अब तक कुल पांच झूठे सेलेक्शन के दावे के मामले सामने आ चुके हैं। एक मामले में खुद संघ लोक सेवा आयोग की तरफ से सिंगल रिजल्ट जारी करते हुए सच्चाई का खुलासा किया था।

केस 01: क्या था फैरूज फातिमा का दावा

UPSC Selection Fraud Claims: दरअसल उत्तराखंड राज्य के रुड़की के रहने वाले एक ट्रक ड्राइवर की बेटी, जिसका नाम फैरूज फातिमा है, उसने दावा किया कि संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा के अंतिम परिणाम में 708वीं रैंक हासिल की है। हालांकि जब उनके इस दावे की जांच की गई तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया।

यूपीएससी में चयनित होने वाली असली फैरूज फातिमा केरल की रहने वाली है। बताया गया है कि रुड़की की नकली फैरूज फातिमा ने अपने डॉक्यूमेंट्स में हेरफेर किया था। इतना ही नहीं बल्कि रुड़की की फैरूज फातिमा यूपीएससी का प्री एग्जाम भी क्लियर नहीं कर पाई थी। जांच के बीच यह भी पता चला है कि चयन का झूठा दावा करने वाली रुड़की की फैरूज फिलहाल आरबीआई में पोस्टेड है।

केस 02: शेखपुरा के रंजीत ने दे दिया इंटरव्यू

UPSC Selection Fraud Claims: देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतिस्पर्धी परीक्षा में चयन के झूठे दावे का एक और हैरान कर देने वाला मामला बिहार के शेखपुरा से सामने आया था। दरअसल संघ लोक सेवा आयोग के फाइनल रिजल्ट में रंजीत नाम के अभ्यर्थी ने 440वीं रैंक हासिल की थी।

वहीं इसकी जानकारी मिलते ही शेखपुरा के रहने वाले रंजीत ने खुद के चयन की बात कहते हुए आस-पड़ोस में मिठाइयां बंटवा दीं। जिले के बेटे के चयन की खबर स्थानीय थाने के थानेदार को मिली तो वह भी रंजीत को बधाई देने उसके घर पहुंचे और बाकायदा उससे बात भी की।

हालांकि यहां भी जांच-पड़ताल हुई तो चयनित रंजीत कर्नाटक में चिक्काबल्लापुर का रहने वाला निकला। वहीं सच्चाई सामने आने के बाद से ही नकली रंजीत फोन बंद करके घर से भाग गया है। इतना ही नहीं बल्कि जिस थानेदार साहब ने उसका इंटरव्यू लिया था, वही अब उसकी तलाश कर रहे हैं।

केस 03: गाजीपुर की लड़की का फ्रॉड

UPSC Selection Fraud Claims: झूठे दावे से जुड़ा एक और मामला गाजीपुर से सामने आया है। दरअसल यहां यूपी के गाजीपुर की प्रियंका चौधरी ने 79वीं रैंक पाने का दावा किया, जबकि असली प्रियंका बीकानेर (राजस्थान) की रहने वाली हैं। उनके पति आईएएस ऑफिसर हैं और चंबा (हिमाचल प्रदेश) के जिलाधिकारी हैं।

केस 04: बुलंदशहर की शिखा गौतम ने भी किया झूठा दावा

UPSC Selection Fraud Claims: इसी तरह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की रहने वाली शिखा ने यूपीएससी में 113वीं रैंक का दावा किया था, जबकि असली शिखा हरियाणा की रहने वाली हैं। एडमिट कार्ड के QR कोड से उनका दावा मैच भी करता है। हालांकि बुलंदशहर की शिखा ने प्रशासन से अपनी गलती मान ली है। असली शिखा फिलहाल हरियाणा के रोहतक में बीडीपीओ पद पर कार्यरत हैं।

केस 05: ‘आकांक्षा’ ने फंसाया पेंच

UPSC Selection Fraud Claims: झूठे दावे का सबसे पहला मामला बिहार से जुड़ा था। यहां मेरिट लिस्ट में ऑल इंडिया रैंक 301 पर ‘आकांक्षा सिंह’ नाम दर्ज था, लेकिन इस एक रैंक पर दो अलग-अलग राज्यों की युवतियों ने दावा कर दिया था। एक आकांक्षा सिंह बिहार से हैं, जबकि दूसरी उत्तर प्रदेश की रहने वाली बताई जा रही थीं। दोनों ही खुद को रैंक 301 का असली हकदार बता रही थीं।

नतीजा घोषित होने के बाद दोनों के घरों में जश्न का माहौल बन गया। परिवार वालों ने मिठाइयां बांटीं, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने बधाई देना शुरू कर दिया। मीडिया में भी दोनों के नाम की चर्चा होने लगी। लेकिन जल्द ही सवाल उठने लगे कि आखिर असली उम्मीदवार कौन है। इस बीच विवाद बढ़ता देख यूपीएससी ने खुद ही एक सिंगल रिजल्ट जारी करते हुए बताया कि असली चयनित अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश की रहने वाली आकांक्षा है।

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1. यूपीएससी चयन के झूठे दावे का मामला क्या है?

कुछ अभ्यर्थियों ने हमनाम का फायदा उठाकर यूपीएससी में चयन होने का झूठा दावा किया।

2. अब तक ऐसे कितने फर्जी चयन के मामले सामने आए हैं?

यूपीएससी रिजल्ट के बाद देशभर में अब तक पांच झूठे चयन दावे सामने आ चुके हैं।

3. यूपीएससी ने इस विवाद पर क्या कदम उठाया?

विवाद बढ़ने पर आयोग ने सिंगल रिजल्ट जारी कर असली चयनित उम्मीदवार की पुष्टि की।