नयी दिल्ली, 27 मई (भाषा) वित्त मंत्रालय ने पश्चिम एशिया संकट के बीच सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के प्रमुखों की शुक्रवार को बैठक बुलाई है, जिसमें बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन, कृषि और एमएसएमई क्षेत्र को कर्ज प्रवाह की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, यह बैठक 29 मई को होगी और इसकी अध्यक्षता वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू करेंगे। यह बैठक उनके सेवानिवृत्त होने से एक दिन पहले हो रही है।
वित्त वर्ष 2025-26 में सार्वजनिक बैंकों द्वारा रिकॉर्ड 1.98 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किए जाने के बाद यह पहली समीक्षा बैठक होगी।
बैठक में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के कामकाज और उनके वित्तीय प्रदर्शन पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा, कृत्रिम मेधा (एआई) के उपयोग, डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों और ‘जन समर्थ’ पोर्टल की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि कर्ज वसूली व्यवस्था और ऋण वसूली अधिकरण (डीआरटी) तथा ‘वित्तीय परिसंपत्तियों का प्रतिभूतिकरण एवं पुनर्निर्माण और प्रतिभूति हित का प्रवर्तन अधिनियम’ (सरफेसी) अधिनियम के तहत प्रगति पर भी विचार किया जाएगा।
सरकारी बैंकों ने 2025-26 में लगातार चौथे वर्ष लाभ में रहते हुए अब तक का सर्वाधिक 1.98 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता, कर्ज में स्वस्थ वृद्धि और आय बढ़ने से लाभप्रदता में सुधार हुआ है।
इस दौरान बैंकों का कुल परिचालन लाभ 3.21 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 11.1 प्रतिशत बढ़कर 1.98 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया।
इन बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। सकल एनपीए अनुपात घटकर 1.93 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए अनुपात 0.39 प्रतिशत पर आ गया, जो दबावग्रस्त परिसंपत्तियों के ऐतिहासिक रूप से निम्न स्तर को दर्शाता है।
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प्रेम रमण
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