नयी दिल्ली, 27 मई (भाषा) देश में खाद्यान्न उत्पादन जून में समाप्त होने वाले फसल वर्ष 2025-26 में पांच प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 37.65 करोड़ टन होने का अनुमान है। इसकी मुख्य वजह चावल, गेहूं और मक्का का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर रहने की संभावना है। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
वर्ष 2025 में बेहतर मानसून और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि जैसे कारणों से उत्पादन में अच्छी वृद्धि हुई है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय किसानों को दिया है।
कृषि मंत्रालय के वर्ष 2025-26 के लिए प्रमुख फसलों के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसल को कुछ नुकसान होने के बावजूद, देश का गेहूं उत्पादन फसल वर्ष 2025-26 (जुलाई-जून) में 2.29 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 12.06 करोड़ टन होने का अनुमान है।
फसल वर्ष 2024-25 में गेहूं का उत्पादन 11.79 करोड़ टन रहा था।
मंत्रालय ने यह कहता रहा है कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से होने वाले ‘स्थानीय नुकसान के बावजूद’ देश में गेहूं उत्पादन ‘स्थिर और मजबूत’ बना हुआ है।
फसल वर्ष 2025-26 के लिए कुल खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर 37.65 करोड़ टन होने का अनुमान है। जबकि इससे पिछले साल यह 35.77 करोड़ टन था।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘यह देश के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक खाद्यान्न उत्पादन है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘तीसरे अग्रिम अनुमान स्पष्ट रूप से संकेत देते हैं कि देश में खाद्यान्न, प्रमुख अनाज, तिलहन और वाणिज्यिक फसलों की उत्पादन स्थिति मजबूत बनी हुई है, जिसमें कई फसलों के रिकॉर्ड उत्पादन स्तर हासिल करने का अनुमान है।’’
चौहान ने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और उसके संस्थानों द्वारा किए गए कृषि अनुसंधान ने प्रमुख फसलों के उत्पादन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन संस्थानों ने जलवायु-अनुकूल फसल किस्में और वर्षा-आधारित उत्पादन तकनीकें विकसित कीं और जमीनी स्तर पर किसानों तक शोध परिणामों को पहुंचाया।
ताजा अनुमानों के अनुसार, फसल वर्ष 2025-26 में चावल का उत्पादन रिकॉर्ड 15.40 करोड़ टन होने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह उत्पादन 15.02 करोड़ टन हुआ था।
पोषक एवं मोटे अनाजों का उत्पादन 2025-26 में 7.45 करोड़ टन होने का अनुमान है जो इससे पिछले वर्ष में 6.39 करोड़ टन था। इस वृद्धि का मुख्य कारण मक्का के उत्पादन में हुई भारी बढ़ोतरी है, जो फसल वर्ष 2024-25 के 4.34 करोड़ टन के मुकाबले रिकॉर्ड 5.51 करोड़ टन तक पहुंच गया है।
दलहन के मामले में, अरहर का उत्पादन 35.9 लाख टन होने का अनुमान है, जो फसलवर्ष 2024-25 के 36.2 लाख टन के मुकाबले थोड़ा कम है। चने का उत्पादन 1.25 करोड़ टन होने का अनुमान है जो इससे पिछले साल 1.11 करोड़ टन था। मसूर का उत्पादन 17.6 लाख टन होने का अनुमान है।
तिलहनों के मामले में, कुल उत्पादन फसल वर्ष 2025-26 में बढ़कर 4.30 करोड़ टन रहने का अनुमान है जो एक साल पहले 4.29 करोड़ टन था। मूंगफली का उत्पादन बढ़कर 1.31 करोड़ टन रहने का अनुमान है जो एक साल पहले 1.19 करोड़ टन था।
सोयाबीन का उत्पादन घटकर 1.26 करोड़ टन होने का अनुमान है जो एक साल पहले 1.53 करोड़ टन था। रेपसीड और सरसों का उत्पादन बढ़कर 1.38 करोड़ टन होने का अनुमान है जो एक साल पहले 1.27 करोड़ टन था।
वाणिज्यिक फसलों में, गन्ने का उत्पादन फसल वर्ष 2025-26 में 50 करोड़ टन होने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह 45.46 करोड़ टन था।
कपास का उत्पादन 2.90 करोड़ गांठ (प्रत्येक गांठ का वजन 170 किलोग्राम) रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह 2.97 करोड़ गांठ था। जूट का उत्पादन 91.76 लाख गांठ (प्रत्येक गांठ का वजन 180 किलोग्राम) रहने का अनुमान है, जबकि फसल वर्ष 2024-25 में यह 84.8 लाख गांठ था।
भाषा राजेश राजेश रमण
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