नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग को ‘भारत आटा’ और ‘भारत चावल’ योजनाओं से संबंधित अंतर-मंत्रालयी समिति के एजेंडा और बैठक के ब्योरे उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, बशर्ते इस मामले पर निर्णय ले लिया गया हो और प्रक्रिया पूरी हो चुकी हो।
‘भारत आटा’ और ‘भारत चावल’ को क्रमशः वर्ष 2023 और वर्ष 2024 में ‘मुक्त बाजार बिक्री योजना (घरेलू)’ के तहत पेश किया गया था, ताकि आम उपभोक्ताओं को सब्सिडी वाली दरों पर गेहूं का आटा और चावल उपलब्ध कराया जा सके। ये उत्पाद केंद्रीय भंडार, नाफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से बेचे जाते हैं।
सरकार अंतर-मंत्रालयी समिति द्वारा नियमित समीक्षाओं के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, उपलब्धता और कीमतों पर कड़ी नजर रखती है। यह समिति कीमतों के रुझानों की समीक्षा करती है और घरेलू उत्पादन व आयात बढ़ाकर उपलब्धता में सुधार के उपाय सुझाती है।
आवेदक ने ‘भारत आटा’ और ‘भारत चावल’ योजनाओं, उनकी बिक्री के लिए विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) और योजनाओं से संबंधित अंतर-मंत्रालयी समिति द्वारा जारी ‘‘सभी एजेंडा और बैठक के ब्योरों’’ की प्रमाणित प्रतियां मांगी थीं।
आवेदक ने केंद्रीय भंडार द्वारा दिए गए उन वचन-पत्र और उपयोग प्रमाण-पत्रों की प्रमाणित प्रतियां भी मांगी थीं, जिनसे यह पुष्टि हो सके कि योजनाओं की शुरुआत के बाद से ‘भारत आटा’ के लिए उठाया गया गेहूं और ‘भारत चावल’ के लिए उठाया गया चावल निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार बेचा गया था।
सीपीआईओ ने जवाब दिया था कि मांगी गई जानकारी विभाग के ‘पॉलिसी-I सेक्शन’ से संबंधित नहीं थी और ‘‘इसलिए इसे ‘शून्य’ माना गया।’’
सुनवाई के दौरान, विभाग के प्रतिनिधि ने आयोग को बताया कि शुरुआती जवाब तत्कालीन सीपीआईओ द्वारा दिया गया था।
आयोग ने पूछा कि क्या मांगी गई जानकारी पर निर्णय पूरा हो चुका है, जिस पर प्रतिवादी ने कहा कि मामला पूरा हो गया है, लेकिन जानकारी के कस्टोडियन (संरक्षक) खंड से पुष्टि प्राप्त करने के लिए और समय मांगा।
आयोग ने पाया कि 31 अगस्त को विभाग द्वारा भेजे गए ईमेल में इस बात पर कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई थी कि निर्णय पूरा हो चुका है या नहीं।
आयोग ने निर्देश दिया कि ‘‘अगर अभी तक फैसला नहीं लिया गया है और मामला पूरा नहीं हुआ है,’’ तो विभाग को अपने संशोधित जवाब में यह बात बतानी चाहिए।
भाषा राजेश राजेश अजय
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