अस्पताल कर्मचारियों पर हमले के आरोप में शिवसेना के पालघर शहर प्रमुख को हिरासत में लिया गया

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अस्पताल कर्मचारियों पर हमले के आरोप में शिवसेना के पालघर शहर प्रमुख को हिरासत में लिया गया

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  • Publish Date - September 7, 2026 / 10:20 PM IST,
    Updated On - September 7, 2026 / 10:20 PM IST

पालघर, सात सितंबर (भाषा) पुलिस ने निजी अस्पताल के कर्मचारियों पर एक दिन पहले हुए हमले के सिलसिले में सोमवार को शिवसेना के पालघर शहर प्रमुख राहुल घरात को गिरफ्तार किया। यह हमला कथित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने किया था।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घरात को पार्टी से निलंबित करने की घोषणा की।

पालघर थाने के निरीक्षक किशोर महानुभाव ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद घरात को स्थानीय मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उसे एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

यह मामला पालघर के रिलीफ अस्पताल में घायल दही हांडी प्रतिभागियों (गोविंदाओं) के इलाज के बकाया बिल को लेकर हुए हंगामे से जुड़ा है। रविवार तड़के 15 से 20 लोगों का एक समूह, जिन्हें शिवसेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बताया गया है, जबरन अस्पताल के कैजुअल्टी वार्ड और आईसीयू में घुस गया था।

आरोप है कि समूह में शामिल घरात ने अस्पताल के एक कर्मचारी को थप्पड़ मारा, जबकि शिवसेना के पालघर जिला प्रमुख कुंदन सांखे और अन्य लोगों ने डॉक्टरों को धमकाया तथा भर्ती एक मरीज को जबरन बाहर ले गए।

पुलिस ने सांखे, घरात और स्थानीय विधायक राजेंद्र गावित के बेटे रोहित समेत 17 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। उन पर भारतीय न्याय संहिता और ‘महाराष्ट्र मेडिकेयर सर्विस पर्सन्स एंड मेडिकेयर सर्विस इंस्टीट्यूशंस’ अधिनियम के तहत मारपीट, आपराधिक धमकी, अनधिकृत प्रवेश, गैरकानूनी जमावड़ा और अन्य आरोप लगाए गए हैं।

प्राथमिकी अस्पताल के बिलिंग काउंटर संभालने वाले विवेक बाबुलिंगा की शिकायत पर दर्ज की गई।

पणजी के पास पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए शिवसेना प्रमुख एवं उपमुख्यमंत्री शिंदे ने घरात को पार्टी से निलंबित करने की घोषणा की। शिवसेना भाजपा नीत महायुति गठबंधन का घटक है।

उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और चिकित्सा कर्मचारियों के साथ शारीरिक मारपीट को शिवसेना कभी उचित नहीं ठहरा सकती और न ही उसका समर्थन कर सकती है।

शिंदे ने कहा कि चिकित्सा उपचार से संबंधित किसी भी शिकायत का समाधान कानून के तहत किया जाना चाहिए, न कि कानून अपने हाथ में लेकर। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा को लेकर कड़ी चेतावनी भी दी।

शिवसेना की प्रवक्ता सुसीबेन शाह ने भी कहा कि कोई भी राजनीतिक संबद्धता कानून अपने हाथ में लेने को उचित नहीं ठहरा सकती और जवाबदेही व्यक्तिगत, निष्पक्ष तथा बिना किसी समझौते के तय होनी चाहिए।

इस बीच, विपक्षी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने सत्तारूढ़ गठबंधन पर तीखा हमला बोला।

राकांपा (शप) के वरिष्ठ नेता महेश तापसे ने अस्पताल कर्मचारियों पर हमले की निंदा करते हुए इसे ‘‘सत्ता के अहंकार से पैदा हुई संगठित गुंडागर्दी’’ बताया।

उन्होंने ठाणे जिले के पड़ोसी डोंबिवली में स्वास्थ्यकर्मियों पर हुए पिछले हमले का जिक्र करते हुए प्राथमिकी में नामजद सभी 17 आरोपियों के खिलाफ राजनीतिक संरक्षण के बिना सख्त कार्रवाई की मांग की।

शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे पर छह जुलाई को ठाणे के एक अस्पताल में डॉक्टरों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) के पार्षद और अन्य लोग डोंबिवली स्थित नगर निगम के शास्त्री नगर अस्पताल में एकत्र हुए थे और एक महिला मरीज के इलाज में कथित देरी को लेकर हुए विवाद के बाद डॉक्टरों से कथित तौर पर मारपीट की थी।

ठाणे की एक अदालत ने 14 जुलाई को म्हात्रे को जमानत दी थी, जिसे बाद में मुंबई उच्च न्यायालय ने स्थगित कर दिया था।

उच्च न्यायालय ने सात अगस्त को म्हात्रे और मामले के कुछ अन्य आरोपियों को जमानत दे दी थी और उन पर कड़ी शर्तें लगाई थीं।

भाषा

राखी प्रशांत

प्रशांत