चेन्नई, सात सितंबर (भाषा) अनुभवी बल्लेबाज करुण नायर ने सोमवार को बेंगलुरु में डॉ. (कैप्टन) के थिम्मप्पैया मेमोरियल टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ के खिलाफ कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) सचिव एकादश की ओर से शतक लगाकर दिखाया कि दलीप ट्रॉफी फाइनल में दक्षिण क्षेत्र को उनकी कमी खल सकती है।
करुण ने एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में 183 गेंद पर 104 रन बनाए जिसमें 12 चौके और एक छक्का शामिल रहा।
हालांकि शानदार फॉर्म में चल रहे इस बल्लेबाज को यहां पूर्व क्षेत्र के खिलाफ जारी दलीप ट्रॉफी फाइनल के लिए दक्षिण क्षेत्र की टीम में जगह नहीं मिली। इशान किशन ने 270 रन की शानदार पारी खेलकर पूर्व क्षेत्र को पहली पारी में 700 से अधिक रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया।
दक्षिण क्षेत्र ने पिछले सप्ताह बेंगलुरु के बीसीसीआई ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ में खेले गए सेमीफाइनल में भी कर्नाटक के इस बल्लेबाज को टीम में शामिल नहीं किया था।
दक्षिण क्षेत्र के कोच विक्रम वर्मा ने कहा, ‘‘दरअसल हमने एक अच्छा संयोजन चुना था क्योंकि हर टीम में दो बाएं हाथ के स्पिनर हैं। इसलिए हमें लगा कि मध्यक्रम में बाएं हाथ का बल्लेबाज होने से हमें उन पर दबदबा बनाने का अच्छा मौका मिलेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हमने फिर वही सोचा कि टीम के लिए सबसे अच्छा क्या है। अब जबकि देवदत्त पडिक्कल वापस आ गए हैं तो टीम संयोजन का सवाल था। करुण को बाहर रखना बहुत मुश्किल है लेकिन हमारे पास यही संयोजन है।’’
करुण ने 2025-26 रणजी ट्रॉफी सत्र में कर्नाटक के लिए 699 रन बनाए थे। वह रविवार शाम बेंगलुरु के लिए रवाना होने वाली उड़ान से टीम से लौट गए थे।
वर्मा ने करुण की अनुपस्थिति को ‘व्यक्तिगत कारणों’ से जोड़ा।
उन्होंने कहा, ‘‘वह घर पर व्यक्तिगत कारणों से वापस गए। उन्होंने हमें ईमेल किया और पारिवारिक कारणों से यात्रा की अनुमति ली।’’
हालांकि अपने घरेलू शहर में आयोजित टूर्नामेंट में करुण की भागीदारी से संकेत मिलता है कि उनके नहीं खेलने के पीछे केवल ‘व्यक्तिगत कारण’ ही नहीं थे।
करुण के शतक की बदौलत सचिव एकादश ने छत्तीसगढ़ के खिलाफ मुकाबले के पहले दिन 90 ओवर में नौ विकेट पर 277 रन बनाए।
भाषा सुधीर आनन्द
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