मुंबई, सात सितंबर (भाषा) सेल्सफोर्स की दक्षिण एशिया की अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अरुंधति भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा कि क्लाउड और कृत्रिम मेधा (एआई) उन क्षमताओं को अधिक लोगों और कंपनियों के लिए सुलभ बना रहे हैं, जिनके लिए पहले भारी पूंजी की जरूरत होती थी।
भारतीय स्टेट बैंक की पूर्व चेयरपर्सन भट्टाचार्य ने कहा कि भारत के पास इस प्रौद्योगिकी क्रांति में केवल भाग लेने का ही नहीं, बल्कि इसके जरिये लंबी छलांग लगाने का अवसर है।
भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘क्लाउड और एआई उन क्षमताओं को अधिक लोगों और कंपनियों के लिए सुलभ बना रहे हैं, जिनके लिए पहले भारी पूंजी की जरूरत होती थी। तेजी से आगे बढ़ने वाली छोटी कंपनी अब ऐसी जानकारी, विश्लेषण, ग्राहकों के लिए व्यक्तिगत सेवाओं और वैश्विक बाजारों तक उस स्तर पर पहुंच बना सकती है, जिसकी एक दशक पहले कल्पना करना भी मुश्किल था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए मेरा मानना है कि भारत के पास इस प्रौद्योगिकी क्रांति में केवल भाग लेने का नहीं, बल्कि इसके जरिये तेजी से आगे निकलने का अवसर है।’’
उन्होंने कहा कि भारतीय कारोबार इस समय एक और बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। इस बार बदलाव डिजिटल है और इसमें एआई की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। इसकी गति पहले देखे गए बदलावों से कहीं अधिक है।
उन्होंने कहा कि भारत इस बदलाव के दौर में काफी मजबूत स्थिति से प्रवेश कर रहा है।
भट्टाचार्य ने कहा कि भारत को प्रौद्योगिकी का लाभ केवल इसलिए नहीं मिलेगा कि उसके पास प्रौद्योगिकी है। इसका वास्तविक लाभ तब मिलेगा जब भारतीय कारोबारी प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर अपने काम करने के तरीके में बदलाव लाएंगे।
भाषा
योगेश अजय
अजय