मुंबई, 11 सितंबर (भाषा) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली ‘फास्टैग’ को पूरी तरह लागू करने से सरकार को सालाना 25,000 करोड़ रुपये तक का लाभ हो सकता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर सभी टोल बूथ मार्च 2027 तक बिना अवरोध के काम करने लगेंगे।
गडकरी ने यहां वैश्विक फिनटेक सम्मेलन में कहा, ‘‘जब यह प्रणाली पूरी तरह लागू हो जाएगी, तो फास्टैग के इस्तेमाल से हमारा विभाग ही भारत सरकार को सालाना 20,000-25,000 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचाएगा।’’
उन्होंने कहा कि फास्टैग के इस्तेमाल से टोल बूथों से होने वाली आय में 10 प्रतिशत यानी करीब 7,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है और यह अब 82,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
गडकरी ने कहा कि अभी जिन बिना अवरोध वाले टोल बूथों की व्यवस्था का परीक्षण किया जा रहा है, उनसे इसमें 10 प्रतिशत यानी 7,000-8,000 करोड़ रुपये की और वृद्धि होने की उम्मीद है।
गडकरी ने कहा कि इसके अलावा टोल बूथों के संचालन की लागत भी पहले के 12 प्रतिशत से घटकर दो-तीन प्रतिशत रह गई है।
उन्होंने कहा कि इस साल दिसंबर के अंत तक 70 प्रतिशत से अधिक टोल बूथ बिना अवरोध के हो जाएंगे और अगले साल मार्च तक यह संख्या 100 प्रतिशत हो जाएगी।
गडकरी ने कहा कि टोल बूथों पर वाहनों के फंसने की संभावना कम होने से वाहन मालिकों के समय की भी बचत होती है।
उन्होंने कहा कि अध्ययनों के अनुसार, केवल ईंधन की बचत से ही सालाना 5,250 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है।
कार्यक्रम में प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए गडकरी ने उनसे ट्रक में क्षमता से अधिक माल लादे जाने का पता लगाने के लिए समाधान विकसित करने का आग्रह किया।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में माल ढुलाई क्षेत्र में पारदर्शिता की कमी है और उन्होंने इसे दूर करने के लिए काम करने का आश्वासन दिया।
गडकरी ने कहा कि एक संचालक के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मामला भी दर्ज किया है।
भाषा योगेश रमण
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