गडकरी ने जोजिला सुरंग के निर्माण के लिए ‘ब्लास्टिंग’ का शुभारंभ किया

गडकरी ने जोजिला सुरंग के निर्माण के लिए ‘ब्लास्टिंग’ का शुभारंभ किया

गडकरी ने जोजिला सुरंग के निर्माण के लिए ‘ब्लास्टिंग’ का शुभारंभ किया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:56 pm IST
Published Date: October 15, 2020 9:48 am IST

नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 14.15 किलोमीटर की जोजिला सुरंग के निर्माण से संबंधित कार्य के लिए बृहस्पतिवार को पहली ‘ब्लास्टिंग’ की शुरुआत की। यह एशिया की सबसे बड़ी सुरंगों में एक होगी। इससे श्रीनगर घाटी और लेह के बीच पूरे साल संपर्क बना रहेगा।

ब्लास्टिंग से तात्पर्य किसी ठोस चीज को विस्फोट के जरिये उड़ाना या तोड़ना है।

यह परियोजना रणनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि जोजिला पास श्रीनगर-कारगिल-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर 11,578 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। सर्दियों में भारी बर्फबारी के दौरान यह बंद रहता है। अभी यह मार्ग वाहन चलाने की दृष्टि से दुनिया के सबसे खतरनाक रास्तों में आता है। यह परियोजना भू-रणनीतिक दृष्टि से भी संवेदनशील है।

गडकरी ने एक वर्चुअल समारोह में ‘ब्लास्ट’ के जरिये इसका शुभारंभ करते हुए कहा कि यह भारत के लिए ‘गौरव का क्षण’ है।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना को नए सिरे से तैार किए जाने से सरकारी खजाने को 4,000 करोड़ रुपये की बचत होगी। हालांकि, इसके लिए सुरक्षा और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं किया गया है।

इस सुरंग से राष्ट्रीय राजमार्ग-एक पर श्रीनगर और लेह के बीच सभी मौसम में संपर्क बना रहेगा। इससे जम्मू-कश्मीर में चौतरफा आर्थिक और सामाजिक-सांस्कृतिक एकीकरण में भी मदद मिलेगी।

इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-एक पर करीब 3,000 मीटर की ऊंचाई पर जोजिला पास के नीचे 14.15 किलोमीटर की सुरंग का निर्माण किया जाएगा। अभी यहां साल में सिर्फ छह माह वाहन चलाए जा सकते हैं।

सरकार ने कहा है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह सुरंग आधुनिक भारत के इतिहास की एक बड़ी उपलब्धि होगी। लद्दाख, गिलिगट और बाल्तिस्तान में देश की सीमा के पास भारी सैन्य गतिविधियों के मद्देनजर यह सुरंग देश की रक्षा की दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण होगी।

भाषा अजय अजय पाण्डेय

पाण्डेय


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