नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) सोने के वायदा भाव में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट आई। शुक्रवार को सोने का भाव 856 रुपये घटकर 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख केविन वार्श के जैक्सन होल संगोष्ठी में संबोधन से पहले निवेशकों के सतर्क रुख के बीच सोने के वायदा भाव में गिरावट आई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में अक्टूबर में आपूर्ति वाला सोना 856 रुपये यानी 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,58,140 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।
दिसंबर अनुबंध का भाव भी 942 रुपये यानी 0.59 प्रतिशत घटकर 1,59,450 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।
निवेश मंच मडरेक्स के विश्लेषक अक्षत सिद्धांत ने कहा कि जुलाई में अमेरिका के व्यक्तिगत उपभोग व्यय (पीसीई) मुद्रास्फीति के अनुमान से अधिक रहने के बाद घरेलू बाजार में कारोबारियों ने मुनाफावसूली की। इससे एमसीएक्स में सोने की कीमतों में गिरावट आई।
हालांकि, उन्होंने कहा कि अमेरिका की राजकोषीय स्थिति को लेकर चिंता से बहुमूल्य धातु को कुछ समर्थन मिला और गिरावट सीमित रही।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव रहा। न्यूयॉर्क में कॉमेक्स में दिसंबर अनुबंध का वायदा भाव 28.49 अमेरिकी डॉलर यानी करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,635.51 डॉलर प्रति औंस पर पर रहा।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के विश्लेषक (जिंस) मानव मोदी ने कहा कि निवेशक जैक्सन होल संगोष्ठी में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श के संबोधन से पहले सतर्क रहे। इस दौरान वे लगातार बनी हुई मुद्रास्फीति, अधिक बॉन्ड प्रतिफल और जारी वैश्विक तनाव से जुड़ी चिंताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नए सिरे से बढ़े वैश्विक तनाव ने भी निवेशकों की सतर्कता बढ़ाई है।
भाषा योगेश रमण
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