अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीदों से सोने में तेजी, चांदी के भाव स्थिर

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अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीदों से सोने में तेजी, चांदी के भाव स्थिर

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  • Publish Date - May 25, 2026 / 06:44 PM IST,
    Updated On - May 25, 2026 / 06:44 PM IST

नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोमवार को डॉलर के कमजोर होने तथा अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बनी उम्मीदों के कारण सोने की कीमतों में 300 रुपये की बढ़ोतरी हुई और इसकी कीमत 1.65 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गयी।

स्थानीय बाजार के जानकारों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में 300 रुपये का इजाफा हुआ। शुक्रवार को बाजार बंद होने के समय इसकी कीमत 1,64,900 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो बढ़कर 1,65,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) हो गई।

हालांकि, बाजार के जानकारों ने बताया कि चांदी की कीमतें 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर अपरिवर्तित रहीं।

विश्लेषकों ने कहा कि सर्राफा की कीमतों में यह तेजी भू-राजनीतिक तनाव में कमी, बॉन्ड प्रतिफल में नरमी और डॉलर के कमजोर होने के कारण आई। हालांकि, रुपये में आई मजबूती ने घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में और अधिक उछाल को सीमित कर दिया।

एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष, शोध विश्लेषक (जिंस और मुद्रा) जतिन त्रिवेदी ने कहा, ‘‘सोने का कारोबार हल्के सकारात्मक रुख के साथ हुआ। हालांकि, रुपये में आई जोरदार मजबूती ने घरेलू कीमतों में होने वाली बढ़त को सीमित कर दिया।’’

सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 35 पैसे की मजबूती के साथ 95.25 (अस्थायी) के स्तर पर बंद हुआ। यह लगातार तीसरा सत्र था जब रुपये में मजबूती दर्ज की गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, हाजिर सोना 60.69 डॉलर या 1.35 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,570.07 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी तीन प्रतिशत से अधिक बढ़कर 78.18 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा, ‘‘सोने ने नए सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ की। पिछले सप्ताह हुई कुछ गिरावट की भरपाई करते हुए सोने की कीमतों में सुधार आया, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर बढ़ती उम्मीदों ने ऊर्जा की ऊंची कीमतों और महंगाई के दबाव से जुड़ी चिंताओं को कम कर दिया।’’

गांधी ने कहा, ‘‘लगातार हो रही कूटनीतिक प्रगति, ऊर्जा बाजारों से जुड़ी महंगाई की चिंताओं को कम करके सोने और चांदी को सहारा दे सकती है। वहीं बातचीत में कोई भी रुकावट या नए सिरे से पैदा हुआ भू-राजनीतिक तनाव बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकता है और निवेशकों के मनोबल पर भारी पड़ सकता है।’’

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय