Reported By: Abhishek Soni
,Surguja Human Trafficking News / Image Source : FILE
सरगुजा: Surguja Human Trafficking News : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से मानव तस्करी से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां काम दिलाने के बहाने नाबालिग छात्राओं और किशोरों को झारखंड से कर्नाटक ले जाया जा रहा था। हैरानी की बात यह है कि इनके परिजनों को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्ड लाइन और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए सभी बच्चों का रेस्क्यू किया है। अब बाल कल्याण समिति पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
अंबिकापुर के अंतरराज्यीय बस अड्डे पर एक बस से रेस्क्यू किए गए ये लड़के और लड़कियां झारखंड के रहने वाले हैं, जिन्हें काम के बहाने कर्नाटक ले जाया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि रेस्क्यू किए गए 19 बच्चों में 16 लड़कियां और 3 लड़के शामिल हैं। इनमें अधिकांश नाबालिग और छात्र-छात्राएं हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक बस में बड़ी संख्या में लड़के-लड़कियों को काम के बहाने बाहर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर विभाग ने पुलिस और चाइल्ड लाइन की मदद से बस को रोका और सभी बच्चों का रेस्क्यू किया।
मामले को मानव तस्करी की आशंका से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अक्सर रोजगार का झांसा देकर नाबालिग लड़कियों को दूसरे राज्यों में ले जाया जाता है, जहां उन्हें बेचने या अनैतिक कार्यों में धकेलने के मामले सामने आते रहे हैं। इसी वजह से इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जब बच्चों के परिजनों को इस घटना की जानकारी मिली तो वे अंबिकापुर पहुंचे और अपने बच्चों को वापस ले जाने की प्रक्रिया में शामिल हुए। परिजनों का कहना है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उनके बच्चे दूसरे राज्य जा रहे हैं। उनका आरोप है कि इसी तरह कई बार बच्चों को बहला-फुसलाकर बाहर ले जाया जाता है और बाद में उनका कोई पता नहीं चल पाता।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी बच्चों और उनके परिजनों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। विभाग का कहना है कि बच्चों को कहां ले जाया जा रहा था, उन्हें कौन लेकर जा रहा था और किस काम के लिए भेजा जा रहा था, इन सभी पहलुओं की जांच सीडब्ल्यूसी द्वारा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद प्रकरण तैयार कर पुलिस को सौंपा जाएगा।
बहरहाल, छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों से काम दिलाने के नाम पर ले जाई गई कई लड़कियां आज भी लापता हैं, जिनकी तलाश में उनके परिजन भटक रहे हैं। महानगरों की चमक-दमक दिखाकर मासूमों को झांसा देने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। ऐसे में इस मामले में समय रहते बच्चों का रेस्क्यू हो जाना राहत की बात है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन और जांच एजेंसियां इस गंभीर मामले में कितनी प्रभावी और सख्त कार्रवाई करती हैं।