गूगल ने भारतीय स्टार्टअप के लिए ‘बाजार पहुंच कार्यक्रम’ शुरू किया

गूगल ने भारतीय स्टार्टअप के लिए 'बाजार पहुंच कार्यक्रम' शुरू किया

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  • Publish Date - January 15, 2026 / 04:19 PM IST,
    Updated On - January 15, 2026 / 04:19 PM IST

नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल ने बृहस्पतिवार को भारतीय स्टार्टअप फर्मों को वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद देने के लिए ‘बाजार पहुंच कार्यक्रम’ की शुरुआत की। इसके साथ ही कंपनी ने अपने मुक्त-स्रोत मॉडल के समूह ‘जेम्मा’ में नए एआई मॉडल जोड़ने की भी घोषणा की।

गूगल ने कहा कि यह पहल भारत में कृत्रिम मेधा (एआई) संबंधी ढांचे से जुड़े उसके निवेश को आगे बढ़ाती है। कंपनी पहले ही आंध्र प्रदेश में एआई बुनियादी ढांचा केंद्र के लिए 15 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा कर चुकी है।

विशाखापत्तनम में स्थापित वैश्विक एआई केंद्र को हरित ऊर्जा से संचालित किया जा रहा है और इसमें गूगल के उन्नत एआई चिप का इस्तेमाल होगा, जिससे भारतीय स्टार्टअप फर्मों को उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग सुविधाएं मिल सकेंगी।

गूगल ने एक विज्ञप्ति में कहा कि ‘बाजार पहुंच कार्यक्रम’ का उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप फर्मों को स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयोगों से सीधे वैश्विक स्तर पर विस्तार करने में मदद करना है। यह कार्यक्रम उन एआई-आधारित स्टार्टअप फर्मों के लिए है जो शुरुआती चरण से आगे बढ़ चुके हैं और अब बड़े स्तर पर काम करना चाहते हैं।

गूगल ने जेम्मा एआई मॉडल परिवार के तहत मेडजेम्मा 1.5 और फंक्शनजेम्मा जैसे नए मॉडल भी पेश किए।

मेडजेम्मा 1.5 मॉडल स्वास्थ्य क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली उन्नत एआई जरूरतों को पूरा करेगा जबकि फंक्शनजेम्मा हल्का मॉडल है जो मोबाइल या उपकरणों पर सुरक्षित तरीके से एआई आधारित काम करने में मदद करेगा।

इस मौके पर गूगल की क्षेत्रीय प्रबंधक (भारत) प्रीति लोबाना ने कहा, ‘एआई अब सिर्फ अनुसंधान प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग तक पहुंच चुका है।’

उन्होंने कहा कि भारतीय स्टार्टअप अब एआई का सिर्फ प्रयोग नहीं कर रहे बल्कि वे अब अपनी क्षमता को भरोसेमंद उत्पादों और कारोबार में भी बदल रहे हैं।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण