नयी दिल्ली, 15 मार्च (भाषा) सरकार ने कर्ज में डूबी कंपनी रोल्टा इंडिया के लिए अशडन प्रॉपर्टीज द्वारा पेश की गई 900 करोड़ रुपये की समाधान योजना को मंजूरी देने वाले राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के आदेश के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में अपील दायर की है।
स्वीकृत समाधान योजना को चुनौती देते हुए केंद्र सरकार ने कहा कि सरकारी और नियामकीय संस्थाओं के लिए मात्र 10 लाख रुपये ही आवंटित किए गए हैं, जबकि ऋणग्रस्त कंपनी रोल्टा इंडिया का कुल बकाया 5,949.95 करोड़ रुपये है।
केंद्र सरकार के वकील शशांक बाजपेयी द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि दूरसंचार विभाग के माध्यम से प्रस्तुत, 179.19 करोड़ रुपये के मान्यता प्राप्त सरकारी और वैधानिक दावों के मुकाबले, केवल 10 लाख रुपये का आवंटन मात्र 0.06 प्रतिशत की नगण्य वसूली के बराबर है।
दूरसंचार विभाग ने 2005-06 और 2006-07 के लिए लाइसेंस शुल्क नहीं चुकाने को लेकर 469.09 करोड़ रुपये का दावा रोल्टा इंडिया के खिलाफ दायर किया था।
एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने 15 दिसंबर, 2025 को एशडन प्रॉपर्टीज द्वारा प्रस्तुत 900 करोड़ रुपये की समाधान योजना को मंजूरी दी थी, जिसे सरकार ने ‘गंभीर अन्याय’ और ‘कानूनी रूप से अस्वीकार्य’ करार दिया है।
भाषा योगेश अजय
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