सरकार ने चीनी के थोक उपभोक्ताओं के लिए 15 दिन की भंडारण सीमा तय की

Ads

सरकार ने चीनी के थोक उपभोक्ताओं के लिए 15 दिन की भंडारण सीमा तय की

  •  
  • Publish Date - August 20, 2026 / 05:05 PM IST,
    Updated On - August 20, 2026 / 05:05 PM IST

नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) केंद्र सरकार ने त्योहारों के मौसम से पहले चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बीच थोक उपभोक्ताओं के लिए बृहस्पतिवार को भंडारण सीमा तय कर दी। इसके तहत महीने में 10 टन से अधिक चीनी की खपत करने वाले उपभोक्ता 15 दिन की खपत से अधिक स्टॉक नहीं रख सकेंगे।

खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि खाद्य मंत्रालय ने इस संबंध में ‘चीनी (थोक उपभोक्ताओं के लिए भंडारण सीमा) आदेश, 2026’ को अधिसूचित कर दिया है।

इस आदेश के दायरे में कन्फेक्शनरी, शीतल पेय बनाने वाली कंपनियां, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, मिठाई विक्रेता और अन्य संस्थागत खरीदार आएंगे।

खाद्य मंत्रालय का यह आदेश एक सितंबर से लागू होगा और 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा।

इससे पहले सरकार ने एक अगस्त से 30 नवंबर तक चीनी कारोबारियों के पास 30 दिन के लिए अधिकतम 4,000 क्विंटल स्टॉक रखने की सीमा तय की थी।

चीनी मिलों के स्तर पर बिक्री कीमतों में तेज वृद्धि होने के बीच सरकार ने यह कदम उठाया है। चीनी उद्योग के एक संगठन के मुताबिक, मंगलवार को देशभर में चीनी की औसत मिल-स्तरीय बिक्री कीमत बढ़कर 5,400-5,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गई, जो एक साल पहले 3,900 रुपये प्रति क्विंटल थी।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि 18 अगस्त को चीनी का खुदरा दाम सालाना आधार पर करीब 13 प्रतिशत बढ़कर 52.30 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया, जो एक साल पहले 46.34 रुपये प्रति किलोग्राम था।

चीनी की मांग आमतौर पर अगस्त से नवंबर महीनों के दौरान बढ़ती है क्योंकि इस दौरान गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं।

नए सरकारी आदेश के तहत प्रत्येक मिल द्वारा किसी थोक उपभोक्ता को सीधे या कारोबारियों के जरिये बेची गई चीनी की मासिक मात्रा का सत्यापन किया जाएगा। खपत का निर्धारण विक्रेता और/या खरीदार द्वारा दाखिल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) रिटर्न में चीनी के लिए लागू एचएसएन कोड के आधार पर किया जाएगा।

आदेश में थोक उपभोक्ता का मतलब ऐसे कन्फेक्शनरी निर्माता, शीतल पेय विनिर्माता, खाद्य प्रसंस्करण इकाई, मिठाई विक्रेता या अन्य संस्थागत खरीदार से है, जिसकी औसत मासिक खपत पिछले एक साल में औसत कम-से-कम 10 टन रही हो। इसमें मौजूदा महीने की खपत शामिल नहीं होगी।

हालांकि, केंद्र या राज्य सरकारों, केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन और स्थानीय निकायों से संबंधित संस्थानों पर यह आदेश लागू नहीं होगा।

चीनी का पेराई सत्र 2026-27 एक अक्टूबर से शुरू होने वाला है। उद्योग का अनुमान है कि नया सत्र शुरू होते समय चीनी का शुरुआती स्टॉक 40-42 लाख टन रह सकता है। कुछ शोधकर्ताओं ने इसके 32-35 लाख टन रहने का अनुमान जताया है। दोनों ही अनुमान करीब 50 लाख टन की अनुमानित घरेलू जरूरत से कम हैं।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय