मुंबई/ नयी दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) सरकार ने इंडिगो के शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम में कटौती किए जाने से खाली हुए स्लॉट पर घरेलू उड़ानों के संचालन के लिए अन्य एयरलाइंस से आवेदन और प्राथमिकताएं मांगी हैं। बृहस्पतिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की तीन से पांच दिसंबर के बीच 2,507 उड़ानें रद्द हो गई थीं, जबकि 1,852 उड़ानें देर से रवाना हुई थीं। इन बाधाओं से देशभर के हवाई अड्डों पर तीन लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए थे।
इस व्यापक परिचालन गतिरोध के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इंडिगो के शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम में 10 प्रतिशत की कटौती कर दी थी, जिसके चलते एयरलाइन को कई स्लॉट पर परिचालन बंद करना पड़ा।
नागर विमानन मंत्रालय के बयान के मुताबिक, इंडिगो के खाली स्लॉट को आवंटित करने के लिए गठित समिति की 13 जनवरी को पहली बैठक हुई जिसमें पुनर्वितरण की प्रक्रिया और सिद्धांतों पर चर्चा की गई।
विचार-विमर्श के बाद समिति ने इच्छुक एयरलाइंस से इन स्लॉट के लिए अपने अनुरोध और प्राथमिकताएं जमा करने को कहा है, जो कुछ शर्तों के अधीन होंगी।
बयान के मुताबिक, एयरलाइंस को अपना आवेदन संबंधित हवाई अड्डा परिचालकों को भेजना होगा और स्लॉट के पुनर्वितरण पर अंतिम निर्णय भी वहीं से लिया जाएगा। इसमें शर्त है कि कोई भी एयरलाइन खाली स्लॉट का उपयोग करने के लिए अपनी मौजूदा उड़ानों को बंद नहीं कर सकेगी।
हालांकि, उद्योग जगत के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अधिकांश एयरलाइंस इन स्लॉट को लेने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही हैं। इसकी वजह यह है कि इंडिगो मुख्य रूप से कम उपयोगी स्लॉट ही छोड़ रहा है, जिनमें से अधिकांश वाणिज्यिक रूप से आकर्षक नहीं हैं।
इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है, जो प्रतिदिन 2,000 से अधिक उड़ानों का संचालन करती है। डीजीसीए ने दिसंबर की परिचालन बाधाओं के लिए इंडिगो पर कुल 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था और सीईओ पीटर एल्बर्स सहित तीन वरिष्ठ अधिकारियों को चेतावनी भी दी थी।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
रमण