नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) देश में बैटरी निर्माण में उपयोग होने वाले महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण की मूल्य श्रृंखला विकसित करने के लिए सरकार जल्द नयी योजना शुरू कर सकती है, जिससे आयात पर निर्भरता कम होने और स्थानीय आपूर्ति बढ़ने की संभावना है। रिसाइक्लिंग संस्था ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
द मैटेरियल रिसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एमआरएआई) ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय खान मंत्रालय बैटरी खनिजों के लिए महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण मूल्य श्रृंखला विकसित करने की योजना शीघ्र शुरू कर सकता है।
खान मंत्रालय के सचिव पीयूष गोयल के हवाले से जारी बयान में कहा गया, ‘‘यह योजना 27 ज़रूरी खनिजों की पुनर्चक्रण-आधारित रिकवरी को बढ़ावा देती है और सिर्फ़ ‘ब्लैक मास’ बनाने के बजाय असल में खनिजों को निकालने और उनके प्रसंस्करण के लिए प्रोत्साहन देती है। उम्मीद है कि 2030 तक इससे सालाना लगभग 3,00,000 टन कचरे को रिसाइक्लिंग क्षमता तैयार होगी। उद्योग जगत की दिलचस्पी व निवेश के आधार पर यह क्षमता और भी ज़्यादा हो सकती है।’’
एमआरएआई के अध्यक्ष संजय मेहता ने कहा कि संसाधन सुरक्षा के लिए रिसाइक्लिंग को भारत का दूसरा प्रमुख आधार बनाना होगा।
भाषा यासिर अजय
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