नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) भारत ने चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और रूस से हो रहे इलेक्ट्रिकल स्टील के आयात के खिलाफ डंपिंग रोधी जांच शुरू कर दी है। वाणिज्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
इन उत्पाद का इस्तेमाल ट्रांसफॉर्मर निर्माण में किया जाता है।
यह जांच जेएसडब्ल्यू जेएफई इलेक्ट्रिकल स्टील नासिक प्राइवेट लिमिटेड की ओर से व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) को की गई शिकायत के बाद शुरू की गई।
आवेदक ने आरोप लगाया है कि ‘कोल्ड रोल्ड ग्रेन ओरिएंटेड इलेक्ट्रिकल स्टील एंड एमॉर्फस मेटल’ के सस्ते आयात से घरेलू उद्योग को काफी नुकसान हो रहा है।
डीजीटीआर ने अधिसूचना में कहा, ‘‘शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर यह पाया गया कि संबंधित उत्पादों की कथित डंपिंग हो रही है। इसके मद्देनजर डंपिंग रोधी जांच शुरू कर दी है।’’
जांच के दौरान महानिदेशालय यह निर्धारित करेगा कि संबंधित देशों से आयातित उत्पादों की डंपिंग हो रही है या नहीं, उसकी मात्रा कितनी है और उसका घरेलू उद्योग पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।
अगर जांच में यह साबित होता है कि सस्ते आयात से घरेलू उद्योग को वास्तविक नुकसान हुआ है, तो महानिदेशालय इन आयात पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश करेगा।
भारत ने इसके अलावा चीन से आयातित सोडियम नाइट्राइट तथा रूस और ताइवान से आयातित पैरा नोनिलफेनोल के खिलाफ भी इसी प्रकार की डंपिंग रोधी जांच शुरू की है।
भाषा यासिर अजय
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