सरकार की मानसून सत्र में आयकर (संशोधन) विधेयक लाने की योजना

सरकार की मानसून सत्र में आयकर (संशोधन) विधेयक लाने की योजना

सरकार की मानसून सत्र में आयकर (संशोधन) विधेयक लाने की योजना
Modified Date: July 16, 2026 / 08:21 pm IST
Published Date: July 16, 2026 8:21 pm IST

नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) सरकार संसद के आगामी मानसून सत्र में आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने की योजना बना रही है।

यह विधेयक उस अध्यादेश का स्थान लेगा, जिसके तहत सरकारी प्रतिभूतियों (जी-सेक) में निवेश से मिलने वाले ब्याज और पूंजीगत लाभ पर विदेशी निवेशकों को आयकर से छूट दी गई थी।

पश्चिम एशिया संकट के कारण रुपये पर बढ़ते दबाव के बीच विदेशी पूंजी आकर्षित करने के उद्देश्य से सरकार ने पिछले महीने यह अध्यादेश जारी किया था।

संसद के 20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र में पेश किए जाने वाले नए विधेयकों की सूची के अनुसार, आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026, आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 का स्थान लेगा।

सरकार ने कहा कि यह विधेयक भारत के सरकारी ऋण बाजार को मजबूत करने, स्थिर वैश्विक पूंजी प्रवाह आकर्षित करने और बाजार में तरलता बढ़ाने के उद्देश्य से लाया जा रहा है। मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

सरकार ने रुपये पर दबाव कम करने और विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए विदेशी निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों से होने वाली ब्याज आय और पूंजीगत लाभ पर आयकर से छूट देने का फैसला किया था।

राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, आयकर अधिनियम में संशोधन के लिए जारी अध्यादेश के तहत एक अप्रैल से सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री, विनिमय या हस्तांतरण से होने वाली ब्याज आय और पूंजीगत लाभ को कर छूट के दायरे में लाया गया है।

वर्तमान नियमों के तहत विदेशी निवेशकों को 12 महीने से अधिक समय तक रखे गए सूचीबद्ध शेयरों और बॉन्ड पर 12.5 प्रतिशत दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर देना होता है। इसके अलावा सरकारी बॉन्ड से मिलने वाली ब्याज आय पर 20 प्रतिशत स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) लागू है।

भाषा योगेश अजय

अजय


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