नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) सरकार आम लोगों को प्याज की ऊंची कीमतों से राहत देने के लिए राजधानी में 35 रुपये प्रति किलो के भाव पर इसकी बिक्री करेगी। यह मौजूदा औसत खुदरा कीमतों से लगभग 36 प्रतिशत कम है।
केंद्र सरकार प्याज का स्टॉक मुख्य उत्पादक राज्य महाराष्ट्र से मंगा रही है, जहां केंद्र ने कीमतों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी से निपटने के लिए बफर स्टॉक बनाए रखा है। 800 टन प्याज की पहली खेप बुधवार को ‘कांदा एक्सप्रेस’ से राजधानी पहुंचेगी।
मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने कहा, ‘‘कांदा एक्सप्रेस दिल्ली में लगभग 800 टन प्याज ला रही है, जिसे नाफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार के स्टोर पर 35 रुपये प्रति किलो के भाव पर बेचा जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि बड़ी मात्रा में प्याज को खास रेलवे रैक के जरिये चार अन्य केंद्रों – चेन्नई, एर्नाकुलम, मदुरै और गुवाहाटी – तक भी पहुंचाया जा रहा है।
इन खपत वाले केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा प्याज महाराष्ट्र के नासिक में रखा गया बफर स्टॉक है। कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए इस स्टॉक को जारी किया जा रहा है।
उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत एक महीने में 28 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 25 अगस्त को 44.72 रुपये प्रति किलो हो गई, जो 25 जुलाई को 34.80 रुपये प्रति किलो थी। एक साल पहले इसी दिन कीमत 28.67 रुपये प्रति किलो थी, जो 56 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी है।
प्रमुख शहरों में, मंगलवार को प्याज की खुदरा कीमतें इस प्रकार थीं-चेन्नई में 60 रुपये प्रति किलो (एक साल पहले 35 रुपये प्रति किलो), दिल्ली में 55 रुपये प्रति किलो (एक साल पहले 33 रुपये), कोलकाता में 60 रुपये प्रति किलो (एक साल पहले 32 रुपये प्रति किलो), मुंबई में 48 रुपये प्रति किलो (साल भर पहले 32 रुपये प्रति किलो) और रांची में 38 रुपये प्रति किलो (साल भर पहले 25 रुपये प्रति किलो)।
भाषा राजेश राजेश अजय
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