नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र में बारिश के कारण परिवहन और स्टॉक की आवक सीमित रहने के कारण पिछले कुछ दिन में दिल्ली की थोक मंडी में प्याज की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। व्यापारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
आजादपुर मंडी में सब्जी के थोक व्यापारी संजय भगत ने कहा कि प्याज की थोक कीमत पहले के 25 रुपये प्रति किलो से बढ़कर लगभग 50 रुपये प्रति किलो हो गई है, जिसका असर खुदरा बाजार में भी दिख रहा है।
भगत ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में बारिश के कारण परिवहन और दिल्ली तक प्याज की आवाजाही प्रभावित हुई है। स्टॉक सीमित हो गया है, जिससे कीमतें बढ़ गई हैं।’’
उन्होंने कहा कि व्यापारी अलवर और दक्षिणी राज्यों सहित वैकल्पिक रास्तों से भी दिल्ली प्याज ला रहे हैं, लेकिन इन क्षेत्रों से आपूर्ति सीमित है क्योंकि वे नई फसल के आने का इंतजार कर रहे हैं।
आजादपुर सब्जी मंडी के महासचिव अनिल ने कहा कि महाराष्ट्र से आवक में रुकावट ने दिल्ली में प्याज की आपूर्ति पर दबाव डाला है।
सदर बाजार इलाके के सब्जी व्यापारी टोनी सिंह ने कहा, ‘‘प्याज की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं और अब खुदरा बाजार में यह लगभग 60-70 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। ग्राहक ऊंची कीमतों की शिकायत कर रहे हैं और कई लोग अपनी खरीदारी कम कर रहे हैं। एक आम घर के लिए, प्याज की कीमतों में थोड़ी सी भी बढ़ोतरी से फर्क पड़ता है।’’
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 24 अगस्त को प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत सालाना आधार पर 59 प्रतिशत बढ़कर 43.53 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जो एक साल पहले 27.37 रुपये प्रति किलोग्राम थी।
दिल्ली में, सोमवार को प्याज की औसत खुदरा कीमत 55 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जबकि एक साल पहले यह 35 रुपये प्रति किलोग्राम थी।
कीमतों में बढ़ोतरी के बीच, केंद्र सरकार ने आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों में मौसमी वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए महाराष्ट्र के नासिक से प्रमुख खपत केंद्रों तक ‘कांदा एक्सप्रेस’ रेलवे रैक के माध्यम से प्याज का भारी स्टॉक पहुंचाना शुरू कर दिया है।
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने कहा कि रैक पर लोड किया जा रहा स्टॉक बुधवार तक चिन्हित केंद्रों पर पहुंचने की उम्मीद है।
खरे ने कहा, ‘‘शुरुआत में, प्याज की आपूर्ति पांच प्रमुख खपत केंद्रों – चेन्नई, मदुरै, दिल्ली, एर्नाकुलम और गुवाहाटी – में की जाएगी, और बाद में बाजार की उभरती जरूरतों के आधार पर अतिरिक्त गंतव्यों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।’’
भाषा राजेश राजेश अजय
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