हिमाचल के मंत्री ने खुले बाजार में बिकने वाले नकली पीजीआर को लेकर आगाह किया

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हिमाचल के मंत्री ने खुले बाजार में बिकने वाले नकली पीजीआर को लेकर आगाह किया

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  • Publish Date - August 25, 2026 / 07:59 PM IST,
    Updated On - August 25, 2026 / 07:59 PM IST

शिमला, 25 अगस्त (भाषा) हिमाचल प्रदेश के बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने मंगलवार को किसानों और बागवानों से अपील की कि वे खुले बाजार में बिकने वाले नकली प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर्स (पीजीआर) को लेकर सावधान रहें।

वह विधानसभा में थियोग से कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह राठौर द्वारा नियम 62 के तहत लाए गए ‘ध्यानाकर्षण प्रस्ताव’ का जवाब दे रहे थे। यह प्रस्ताव राज्य के बागवानों और किसानों को आपूर्ति की जाने वाली फफूंदनाशक और कीटनाशक की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लाया गया था।

नेगी ने खुले बाजार में नकली पीजीआर की मौजूदगी को माना और कहा कि किसान और बागवान इनका शिकार बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने फफूंदनाशक और कीटनाशक बेचने के लिए 500 दुकानों को लाइसेंस दिया है।

उन्होंने कहा कि कुछ बागवान दुकानदार द्वारा दिए जा रहे सस्ते पीजीआर के लालच में आ जाते हैं, जिससे मनचाहा नतीजा नहीं मिल पाता। उन्होंने किसानों में जागरूकता की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि नकली पीजीआर का मुद्दा नया नहीं है और बागवान कई साल से ऐसी शिकायतें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना ‘क्वारंटीन’ मंजूरी के राज्य में रूटस्टॉक के आयात पर रोक लगा दी है। इसके बावजूद, ऐसा रूटस्टॉक गैर-कानूनी रास्तों से राज्य में आता रहता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘क्वारंटीन’ किए गए रूटस्टॉक का प्रमाणीकरण केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है।

मंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार के पास प्रमाणीकृत रूटस्टॉक की कोई कमी नहीं है।

फिर भी, कुछ बागवान खुले बाजार से बिना प्रमाणित रूटस्टॉक खरीदते हैं, जिससे उनके बागों में बीमारियां फैलती हैं।

उन्होंने घोषणा की कि सरकार ने बागवानी विभाग के जरिये ही किसानों को ब्रांडेड रसायन बेचने का फ़ैसला किया है।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले के बावजूद, बागवान खुले बाजार से महंगे कीटनाशक खरीदते रहते हैं।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय