वित्त वर्ष 2029-30 तक हरित म्यूनिसिपल बॉण्ड से 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की संभावनाः इक्रा

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वित्त वर्ष 2029-30 तक हरित म्यूनिसिपल बॉण्ड से 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की संभावनाः इक्रा

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  • Publish Date - September 14, 2026 / 05:26 PM IST,
    Updated On - September 14, 2026 / 05:26 PM IST

मुंबई, 14 सितंबर (भाषा) देश के शहरी निकाय अगले 30 माह में हरित म्यूनिसिपल बॉण्ड के जरिये करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटा सकते हैं। घरेलू रेटिंग एजेंसी इक्रा ने सोमवार को एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया।

इक्रा रेटिंग्स ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 से 2029-30 के दौरान शहरी बुनियादी ढांचे में 56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की जरूरत होगी। इसमें से तीन लाख करोड़ रुपये तक वाणिज्यिक ऋण वित्तपोषण के जरिये जुटाए जा सकते हैं। ऐसी स्थिति में म्यूनिसिपल और हरित बॉण्ड की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

रेटिंग एजेंसी ने कहा, “हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 से 2029-30 के दौरान हरित म्यूनिसिपल बॉण्ड जारी करने की बुनियादी क्षमता 10,000 करोड़ रुपये है। निर्गम जारी करने वाले शहरी निकायों की तैयारी बेहतर होने पर इसमें और बढ़ोतरी की गुंजाइश है।”

इक्रा के अनुसार, हरित वित्त के लिए पात्र मानी जाने वाली परियोजनाओं की अनुपलब्धता से हरित म्यूनिसिपल बॉण्ड बाजार के विकास में मुख्य बाधा बनने की आशंका नहीं है। जलापूर्ति, सीवरेज और अपशिष्ट जल उपचार, ठोस कचरा प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं हरित वित्तपोषण के दायरे में आती हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, म्यूनिसिपल बॉण्ड के जरिये अबतक जुटाई गई 6,540 करोड़ रुपये की राशि में करीब एक-चौथाई हरित म्यूनिसिपल बॉण्ड के लिए पात्र है, जबकि एक अन्य चौथाई राशि में भी हरित बॉण्ड के रूप में वर्गीकृत किए जाने की संभावना है।

इक्रा ने कहा कि इस वित्तपोषण साधन के विकास में आपूर्ति पक्ष से जुड़ी बाधाएं प्रमुख चुनौती बनी हुई हैं। पर्याप्त ऋण गुणवत्ता, उचित वित्तीय खुलासे, पुनर्भुगतान की स्पष्ट संभावना, परियोजनाओं की तैयारी और लेनदेन संबंधी तैयारी वाले नगर निकाय ही टिकाऊ तरीके से पूंजी बाजार तक पहुंच बना सकेंगे।

उसने कहा कि व्यापक बुनियादी ढांचा जरूरतों के बावजूद बाजार में पहुंच की आवश्यक शर्तें निवेश-योग्य शहरी निकायों के दायरे को काफी सीमित कर सकती हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि हाल के निर्गम से ऐसे हरित बॉण्ड में निवेशकों की रुचि का पता चलता है। हाल के हरित बॉण्ड निर्गम में पांच गुना तक अभिदान मिला है।

इक्रा ने कहा कि हरित बॉण्ड ने सरकारी प्रतिभूतियों की तुलना में 1.90 प्रतिशत अंक तक और राज्य सरकार की प्रतिभूतियों की तुलना में 1.55 प्रतिशत अंक तक अधिक प्रतिफल की पेशकश की है।

एजेंसी ने कहा कि ये रुझान नगरी निकायों के हरित वित्तपोषण को लेकर निवेशकों की रुचि बढ़ने का संकेत देते हैं। हालांकि, बाजार के विस्तार में पूंजी की उपलब्धता की तुलना में आपूर्ति पक्ष से जुड़ी बाधाएं अधिक महत्वपूर्ण अड़चन बनी हुई हैं।

इक्रा ने कहा कि नीतिगत समर्थन और बाजार विकास से जुड़ी पहल धीरे-धीरे आपूर्ति पक्ष की इन बाधाओं को दूर करने में मदद कर रही हैं।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय