नयी दिल्ली, 14 सितंबर (भाषा) खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते अगस्त में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 4.82 प्रतिशत पर पहुंच गई। सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति जुलाई में 4.45 प्रतिशत थी।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी सीपीआई आंकड़ों के अनुसार अगस्त में खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 5.95 प्रतिशत हो गई, जो इससे पिछले माह में 5.52 प्रतिशत थी।
रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सीपीआई आधारित मुद्रास्फीति के पांच प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाया है, जिसके दूसरी तिमाही में 4.7 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.9 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति की चिंताओं के बीच हाल ही में प्रमुख नीतिगत दर रेपो को यथावत रखा था। सरकार ने आरबीआई को मुद्रास्फीति को दो से छह प्रतिशत के दायरे में बनाए रखने की जिम्मेदारी दी है।
इस बीच, खाद्य, ईंधन और विनिर्मित वस्तुओं के दाम बढ़ने से थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति भी अगस्त में बढ़कर 9.92 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 9.78 प्रतिशत थी।
भाषा पाण्डेय अजय
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