नयी दिल्ली, 13 सितंबर (भाषा) भारतीय पेटेंट कार्यालय (आईपीओ) ने दवा क्षेत्र में पेटेंट आवेदनों की जांच की गुणवत्ता, निरंतरता और एकरूपता बढ़ाने के उद्देश्य से मौजूदा दिशानिर्देशों को अद्यतन करने का प्रस्ताव दिया है।
पेटेंट कार्यालय ने फार्मास्युटिकल पेटेंट आवेदनों की जांच के लिए दिशानिर्देश का मसौदा जारी किया है। इनमें अदालतों के हालिया फैसलों के माध्यम से कानून की बदलती व्याख्या को भी शामिल किया गया है।
पेटेंट कार्यालय ने कहा कि भारत में फार्मास्युटिकल पेटेंट का अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय है। खराब पेटेंट समाज पर बोझ बन सकता है, जबकि अच्छे पेटेंट नवोन्मेषण और प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दिशानिर्देशों के मसौदे में कहा गया है कि पेटेंट कार्यालय अपने आंतरिक संसाधनों को लगातार बेहतर बना रहा है और प्रक्रियाओं तथा सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े तंत्र में सुधार कर रहा है।
कार्यालय ने कहा, ‘‘गुणवत्ता, निरंतरता और एकरूपता लाने के प्रयास के तहत पेटेंट कार्यालय ने फार्मास्युटिकल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जांच के लिए दिशानिर्देश पेश किए हैं।’’
कार्यालय के अनुसार, फार्मास्युटिकल क्षेत्र में उत्पाद पेटेंट से जुड़े कई मुद्दे अब अदालतों के फैसलों के माध्यम से अधिक स्पष्ट हो रहे हैं। ऐसे में इन न्यायिक व्याख्याओं को शामिल करते हुए पेटेंट जांच संबंधी दिशानिर्देशों को अद्यतन करने की आवश्यकता है।
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