Rewa News: काम दिलाने के नाम पर दूसरे राज्य ले गए, फिर बनाया बंधक, 11 आदिवासियों का पुलिस ने ऐसे किया रेस्क्यू

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Rewa News: काम दिलाने के नाम पर दूसरे राज्य ले गए, फिर बनाया बंधक, 11 आदिवासियों का पुलिस ने ऐसे किया रेस्क्यू

Rewa News: काम दिलाने के नाम पर दूसरे राज्य ले गए, फिर बनाया बंधक, 11 आदिवासियों का पुलिस ने ऐसे किया रेस्क्यू /image: IBC24 file

HIGHLIGHTS
  • महाराष्ट्र से 11 लोगों का रेस्क्यू, पुलिस ने बचाया
  • काम के नाम पर ले जाकर बंधक बनाने का आरोप
  • रीवा कलेक्टर को फोन के बाद शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

रीवा। Rewa News: रीवा के सोहागी थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ागांव से काम दिलाने के नाम पर महाराष्ट्र ले जाए गए 10 आदिवासी नाबालिग-बालिग युवकों और एक महिला को महाराष्ट्र के सतारा जिले से रेस्क्यू किया गया है। परिजनों के मुताबिक, 6 अगस्त को बृजेश पाल नामक ठेकेदार इन सभी को काम दिलाने के नाम पर महाराष्ट्र लेकर गया था।

बंधक बनाकर रखा गया

आरोप है कि सतारा जिले की खंडाला तहसील में इन्हें बंधक बनाकर रखा गया और जिन लोगों को बीयर फैक्ट्री में काम दिलाने की बात कही गई थी, उनसे कथित तौर पर गन्ने के खेतों में काम कराया जा रहा था। बताया जा रहा है कि काम का विरोध करने पर उनसे पैसे की मांग की गई।

नाबालिग बच्चों से की एक लाख की डिमांड

Rewa Newsपरिजनों के अनुसार पहले युवकों से कहा गया कि घर से 10 हजार रुपये लेकर आओ, तभी छोड़ा जाएगा, लेकिन नाबालिग बच्चों से एक लाख रुपये की मांग की गई। बच्चों ने जवाब दिया कि अगर उनके परिवार के पास इतने पैसे होते तो वे कमाने के लिए महाराष्ट्र क्यों आते। मामले की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया।

कलेक्टर के निर्देश पर हुआ रेस्क्यू

इसी बीच एक युवक ने चुपके से रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर रीवा पुलिस अधीक्षक के सहयोग से पुलिस टीम को महाराष्ट्र रवाना किया गया। सभी लोगों को फिलहाल रेस्क्यू कर सतारा थाने में रखा गया है। रीवा पुलिस की टीम उन्हें वापस रीवा लेकर आएगी। पुलिस की पूछताछ और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उन्हें किस परिस्थिति में महाराष्ट्र ले जाया गया था, वहां उनके साथ क्या हुआ और बंधक बनाए जाने के आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की जांच जारी है।

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रीवा के कितने लोगों को महाराष्ट्र से रेस्क्यू किया गया?

महाराष्ट्र के सतारा जिले से 10 आदिवासी नाबालिग-बालिग युवक और एक महिला, यानी कुल 11 लोगों को रेस्क्यू किया गया।

इन्हें महाराष्ट्र क्यों ले जाया गया था?

परिजनों के मुताबिक, इन्हें काम दिलाने के नाम पर महाराष्ट्र ले जाया गया था।

युवकों से क्या काम कराया जा रहा था?

आरोप है कि बीयर फैक्ट्री में काम दिलाने की बात कहकर ले जाने के बाद उनसे गन्ने के खेतों में काम कराया जा रहा था।

बंधक बनाने का मामला कैसे सामने आया?

एक युवक ने कथित तौर पर चुपके से रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी को फोन कर पूरी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस टीम महाराष्ट्र भेजी गई।

अब रेस्क्यू किए गए लोगों को कहां लाया जाएगा?

रीवा पुलिस की टीम उन्हें सतारा से वापस रीवा लेकर आएगी। पूरे मामले की पुलिस जांच जारी है।