जयपुर, 21 मार्च (भाषा) गुजरात की एक न्यूरो-इंजीनियरिंग डीप-टेक एआई कंपनी ने ‘‘एआई एक्शन फायरवॉल’’ बनाया है। कंपनी के एक अधिकारी के अनुसार इस फायरवॉल का मकसद कृत्रिम मेधा (एआई) प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाना है।
एक अधिकारी ने बताया कि यह फायरवॉल एआई प्रणाली और वास्तविक दुनिया के कार्यों के बीच एक नीति-आधारित सुरक्षा परत के रूप में काम करेगा। यह सुनिश्चित करेगी कि ऐसे सभी कार्य अधिकृत हों, उन पर नजर रखी जाए और उनका रिकार्ड हो।
फायरवॉल एक प्रकार की सुरक्षा प्रणाली होती है, जो कंप्यूटर, सर्वर या नेटवर्क को बाहरी खतरों से बचाने का काम करती है।
न्यूरोपॉज लैब लिमिटेड के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सौरभ पटेल ने संवाददाताओं को बताया कि फायरवॉल नेटवर्क सुरक्षा प्रणाली है जो पहले से तय सुरक्षा नियमों के आधार पर आने-जाने वाले नेटवर्क ट्रैफिक पर नजर रखती है और उसे नियंत्रित है।
पटेल ने कहा, ‘‘इसका विचार पारंपरिक फायरवॉल से प्रेरित है लेकिन इसे खास तौर पर एआई से होने वाले कार्यों को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है। इन कामों में ईमेल भेजना, कोड चलाना, डेटाबेस तक पहुंचना या स्वचालित प्रक्रियाएं शुरू करना शामिल है।’’
पटेल ने बताया कि उनकी कंपनी ने पिछले साल इस प्रौद्योगिकी के लिए वैश्विक पेटेंट के लिए आवेदन किया था और यह अभी प्रक्रियाधीन है।
उन्होंने बताया कि मौजूदा साइबर सुरक्षा प्रणालियां इंसानी उपयोगकर्ताओं के लिए बनाई गई हैं और वे स्वत: काम करने वाले एआई एजेंट को नियंत्रित नहीं कर सकतीं।
भाषा पृथ्वी सुरभि योगेश पाण्डेय
पाण्डेय