नयी दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए वाणिज्यिक एलपीजी का अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन मंजूर किया है, जिससे कुल आवंटन 50 प्रतिशत हो गया है।
घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी के कारण स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है।
पश्चिम एशिया में तीन सप्ताह से जारी युद्ध के कारण भारत को ऊर्जा आपूर्ति में बाधा आई। इसके कारण पहले होटल जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को एलपीजी की आपूर्ति घटा दी गई थी ताकि घरेलू रसोई के लिए गैस उपलब्ध रहे।
बाद में उनके आपूर्ति का पांचवां हिस्सा बहाल किया गया और सरकार ने अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन की पेशकश की थी, यह शर्त रखते हुए कि राज्य पाइप्ड गैस परियोजनाओं को तेजी से पूरा करें।
शनिवार को सरकार ने रेस्तरां, होटल, औद्योगिक कैंटीन, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, सामुदायिक रसोई और सब्सिडी वाले खाद्य केंद्रों के लिए एलपीजी का 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन करने की घोषणा की।
साथ ही सरकार ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों को लक्षित वितरण के माध्यम से सहायता भी प्रदान की जाएगी।
तेल सचिव द्वारा राज्यों को लिखे गए पत्र के अनुसार, यह अतिरिक्त एलपीजी आवंटन उन वाणिज्यिक संस्थानों को मिलेगा जिन्होंने तेल कंपनियों के साथ पंजीकरण कराया हो और पाइप के जरिये आपूर्ति की जाने वाली रसोई गैस (पीएनजी) कनेक्शन के लिए आवेदन किया हो।
सरकारी बयान में कहा गया कि घरेलू एलपीजी आपूर्ति स्थिर बनी हुई है, वितरकों के पास किसी प्रकार की कमी नहीं है और वितरण कार्य सामान्य रूप से जारी हैं।
घबराहट में किए जाने वाले एलपीजी बुकिंग अब कम हो गई है, और नागरिकों को भीड़ इकट्ठा करने से बचने और होम डिलीवरी पर निर्भर रहने की सलाह दी गई है।
आपूर्ति संबंधी दबाव को कम करने के लिए, सरकार पीएनजी की आपूर्ति को बढ़ावा दे रही है, विशेष रूप से वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए, और राज्यों से शहरी गैस वितरण नेटवर्क के लिए अनुमोदन प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया है। इसके समानांतर, सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल भंडार के साथ उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं, जिससे पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है।
सरकार आपूर्ति पर दबाव कम करने के लिए पीएनजी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है, खासकर वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए, और राज्यों से शहरी गैस वितरण नेटवर्क के अनुमोदन में तेजी लाने को कहा है। इसके साथ ही, सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल भंडार के साथ पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं, ताकि पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
सरकार ने कहा कि खुदरा दुकानों पर ईंधन की कमी की कोई सूचना नहीं मिली है और जनता को घबराकर खरीदारी न करने की सलाह दी गई है।
सरकार ने अतिरिक्त उपायों के तहत घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाया है, बुकिंग अंतराल बढ़ाए हैं और राज्यों को अतिरिक्त केरोसिन आपूर्ति आवंटित की है ताकि वैकल्पिक ईंधन विकल्प उपलब्ध हो सकें।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक देशभर में 3,500 से अधिक छापेमारी की गई, जिससे लगभग 1,400 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए।
भाषा योगेश पाण्डेय
पाण्डेय