हरियाणा के मुख्यमंत्री ने बाजरा और धान की खरीद तैयारियों की समीक्षा की

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हरियाणा के मुख्यमंत्री ने बाजरा और धान की खरीद तैयारियों की समीक्षा की

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  • Publish Date - September 25, 2026 / 09:35 PM IST,
    Updated On - September 25, 2026 / 09:35 PM IST

चंडीगढ़, 25 सितंबर (भाषा) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को बाजरा और धान की खरीद की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ के तहत क्षेत्र सत्यापन समेत जरूरी काम प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।

आधिकारिक बयान के मुताबिक, सैनी ने चावल मिलों के पंजीकरण, मंडियों में बाजरा और धान की खरीद के लिए जरूरी इंतजाम तथा जरूरत के अनुरूप अतिरिक्त खरीद केंद्र स्थापित करने के निर्देश भी दिए।

सैनी ने कहा कि ‘भावान्तर भरपाई योजना’ के तहत किसानों को बाजरे के लिए 2,900 रुपये प्रति क्विंटल की राशि सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस साल सरकार 2,300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीदेगी। यदि खुले बाजार में किसानों को इससे अधिक कीमत मिलती है, तो बिक्री मूल्य और खरीदी मूल्य के बीच के अंतर की भरपाई सरकार करेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दूसरे राज्यों से बाजरा लाकर हरियाणा में बेचने की कोशिशों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों में बाजरा हरियाणा के मुकाबले कम कीमत पर बिक रहा है और ऐसी बिक्री की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बयान के अनुसार, इस साल खुले बाजार में बाजरा औसतन 2,235 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रहा है।

सैनी ने कहा कि बाजरे की खरीद और ‘भावान्तर भरपाई योजना’ के तहत भुगतान ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ में दर्ज रिकॉर्ड तथा जारी किए गए जे-फॉर्म के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र सत्यापन का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने धान की खरीद के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों में चावल मिलों का पंजीकरण करने के निर्देश दिए। पहले अनियमितताओं में शामिल पाए गए चावल मिलों का पंजीकरण नहीं किया जाएगा।

जिन जिलों में कम चावल मिल संचालक पंजीकृत हैं, वहां के धान को दूसरे जिलों की चावल मिलों को आवंटित किया जाएगा।

सैनी ने सभी अनाज मंडियों में कैमरे और जियो-फेंसिंग लगाने, आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त खरीद केंद्र स्थापित करने तथा किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं की समीक्षा के भी निर्देश दिए।

भाषा राजेश राजेश प्रेम

प्रेम