नयी दिल्ली, 25 सितंबर (भाषा) देश में 150 करोड़ रुपये से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की कुल लागत में करीब 2,88,122 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। अगस्त 2026 की सरकारी मासिक रिपोर्ट में यह कहा गया।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) की रिपोर्ट के अनुसार, 17 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की 1,731 निर्माणाधीन परियोजनाओं की निगरानी की गई। इन परियोजनाओं की मूल लागत 30.71 लाख करोड़ रुपये थी, जो संशोधित होकर 33.60 लाख करोड़ रुपये हो गई है।
रिपोर्ट में हालांकि यह नहीं बताया गया है कि वास्तव में कितनी परियोजनाओं में लागत बढ़ी है।
मंत्रालय ने कहा कि इन परियोजनाओं पर अब तक 16.33 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जो संशोधित कुल परियोजना लागत का करीब 48.59 प्रतिशत है।
रिपोर्ट के अनुसार, 647 परियोजनाओं में 80 प्रतिशत से अधिक भौतिक प्रगति हो चुकी है, जबकि 312 परियोजनाओं में 80 प्रतिशत से अधिक वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है।
परिवहन एवं लॉजिस्टिक क्षेत्र में सबसे अधिक 1,191 निर्माणाधीन परियोजनाएं हैं। इनकी संशोधित कुल लागत 16.05 लाख करोड़ रुपये है।
कुल 1,731 परियोजनाओं में 715 ऐसी बड़ी परियोजनाएं हैं जिनकी लागत 1,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक है। इनकी मूल कुल लागत 25.89 लाख करोड़ रुपये थी। वहीं, 1,016 परियोजनाओं की लागत 150 करोड़ रुपये से 1,000 करोड़ रुपये से कम के बीच है और इनकी मूल कुल लागत 4.83 लाख करोड़ रुपये थी।
मंत्रालय के अनुसार, परियोजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति मोटे तौर पर एक-दूसरे के अनुरूप है। बड़ी संख्या में परियोजनाएं या तो शुरुआती चरण में हैं या पूरा होने के करीब हैं।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के पास सबसे अधिक 982 परियोजनाएं हैं, जो कुल परियोजनाओं का 57 प्रतिशत हैं। इनकी संशोधित कुल लागत 9.52 लाख करोड़ रुपये है।
रेल मंत्रालय के पास 147 निर्माणाधीन परियोजनाएं हैं, जिनकी संशोधित कुल लागत 3.14 लाख करोड़ रुपये है। कोयला मंत्रालय के पास 122 परियोजनाएं हैं, जिनकी संशोधित लागत 2.22 लाख करोड़ रुपये है।
भाषा योगेश रमण
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