मुंबई, 26 मई (भाषा) टाटा संस निदेशक मंडल की बैठक यहां मंगलवार को हुई। दिन भर चली बैठक में टाटा डिजिटल समेत नई इकाइयों के प्रमुखों ने निदेशक मंडल (बोर्ड) को कामकाज के बारे में पूरी जानकारी दी।
एयर इंडिया, टाटा डिजिटल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) ने छह सदस्यीय बोर्ड के सामने अपनी प्रस्तुतियां दीं। ये कारोबार भविष्य के नजरिये से समूह के कुछ सबसे महत्वाकांक्षी निवेश हैं, लेकिन ये सभी घाटे से जूझ रहे हैं।
बैठक में टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा भी मौजूद थे। नोएल कथित तौर पर समूह के कुछ व्यवसायों में हो रहे नुकसान पर चिंता जता चुके हैं। हालांकि, बैठक में क्या निर्णय हुआ, इसके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गयी है।
सूत्रों के अनुसार, टाटा संस बोर्ड की अगली बैठक 12 जून को होने की संभावना है। उस बैठक में मौजूदा चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति पर चर्चा हो सकती है।
टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा समेत बोर्ड के निदेशक सुबह बॉम्बे हाउस स्थित मुख्यालय पहुंचे और दोपहर बाद रवाना हुए।
दक्षिण मुंबई स्थित मुख्यालय से निकलते समय समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों पर वहां मौजूदा संवाददाताओं से कोई बात नहीं की।
माना जा रहा है कि चंद्रशेखरन और टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने समूह की कंपनियों के प्रदर्शन से संबंधित इसी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए सप्ताहांत में मुलाकात की थी। नोएल टाटा संस बोर्ड में नामित निदेशक हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में टाटा समूह के गैर-सूचीबद्ध कारोबारों को 10,905 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। इस घाटे के बढ़कर 29,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
गौरतलब है कि टाटा समूह में हाल ही में शीर्ष स्तर पर काफी मतभेद देखने को मिले हैं। इनमें कुछ सदस्यों को निष्कासित करना या निष्कासित करने के प्रयास और टाटा संस के चेयरमैन के रूप में चंद्रशेखरन के पद पर बने रहने के फैसले को टालना शामिल है। टाटा समूह में टाटा ट्रस्ट शामिल है, जो समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की दो-तिहाई हिस्सेदारी रखती है।
रिपोर्ट के अनुसार, नोएल टाटा खासकर चंद्रशेखरन के नेतृत्व में शुरू किए गए टाटा डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्यम और कुछ साल पहले सरकार से खरीदी गई एयर इंडिया जैसे कारोबार में बढ़ते घाटे को लेकर चिंतित हैं।
नोएल टाटा, टाटा संस को आईपीओ के माध्यम से सार्वजनिक करने के इच्छुक नहीं हैं। वर्तमान में, एक प्रमुख निवेश कंपनी, टाटा संस को आरबीआई द्वारा शीर्ष 15 गैर-बैंक वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) में वर्गीकृत किया गया है, जिन्हें सूचीबद्ध होना अनिवार्य है।
नोएल टाटा के बेटे नेविल टाटा को पहले ही समूह से जुड़े कुछ ट्रस्ट या फाउंडेशन में शामिल किया जा चुका है।
भाषा रमण अजय
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