शिमला, 13 जून (भाषा) हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (मिल्कफेड) ने प्रति डेयरी उत्पादक से प्रतिदिन 20 लीटर दूध खरीद की सीमा तय करने का फैसला किया है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने शनिवार को यह जानकारी दी।
प्रवक्ता ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य अधिक डेयरी किसानों को सहकारी ढांचे से जोड़ना और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के लिए अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराना है।
अधिकारी ने कहा, “इस निर्णय से यह सुनिश्चित होने की उम्मीद है कि अधिक संख्या में किसान अपना उत्पादित दूध बढ़े हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बेच सकें, सहकारी क्षेत्र में नए डेयरी उत्पादकों का पंजीकरण बढ़े और डेयरी व्यवसाय से जुड़े परिवारों की आय एवं आर्थिक स्थिति में सुधार हो।”
उन्होंने कहा, “राज्य सरकार द्वारा दूध पर एमएसपी लागू किए जाने के बाद से पूरे राज्य में किसानों द्वारा दूध उत्पादन और सहकारी डेयरी प्रणाली में उनकी भागीदारी में लगातार वृद्धि हुई है। सरकार ने चरणबद्ध ढंग से गाय के दूध का एमएसपी 32 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का एमएसपी 47 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर किया है।”
अधिकारी ने कहा, “एमएसपी पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इसके लाभ कुछ ही उत्पादकों तक सीमित न रहें, बल्कि डेयरी किसानों के बड़े वर्ग, विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों तक पहुंचें।”
प्रवक्ता ने बताया कि पिछले दो वर्षों में सहकारी प्रणाली में भाग लेने वाले डेयरी उत्पादकों की संख्या 28,645 से बढ़कर 42,500 हो गई है। इसी अवधि में प्रतिदिन दूध संग्रह 1.57 लाख लीटर से बढ़कर 2.20 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है।
भाषा राजेश राजेश योगेश प्रेम
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