कोयला मंत्री ने 40 लाख टन कोयला गायब होने के आरोपों की जांच की मांग की

Ads

कोयला मंत्री ने 40 लाख टन कोयला गायब होने के आरोपों की जांच की मांग की

  •  
  • Publish Date - June 13, 2026 / 08:20 PM IST,
    Updated On - June 13, 2026 / 08:20 PM IST

नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने तेलंगाना सरकार को पत्र लिखकर सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) से करीब 1,600 करोड़ रुपये मूल्य का 40 लाख टन कोयला कथित रूप से गायब होने संबंधी खबरों पर चिंता जताई है और मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को 10 जून, 2026 को लिखे पत्र में रेड्डी ने कहा है कि विभिन्न समाचारपत्रों में 1,600 करोड़ रुपये मूल्य के 40 लाख टन कोयले के गायब होने से कंपनी को भारी वित्तीय नुकसान होने की खबरें प्रकाशित हुई हैं।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार पर 51,500 करोड़ रुपये से अधिक के बकाये के कारण एससीसीएल पहले से ही वित्तीय दबाव में है। ऐसे में इन आरोपों से कंपनी की वित्तीय स्थिति पर और प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

एससीसीएल में तेलंगाना सरकार और केंद्र सरकार की हिस्सेदारी क्रमशः 51 प्रतिशत और 49 प्रतिशत है।

कोयला मंत्री ने कहा कि यदि इन आरोपों की शीघ्र जांच नहीं की गई और समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति कमजोर हो सकती है तथा उसके भविष्य की वृद्धि और स्थिरता पर असर पड़ सकता है।

उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि मामले के तथ्यों की तत्काल जांच कर यह पता लगाया जाए कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है। इसके साथ यह भी देखा जाए कि कंपनी के प्रभावी संचालन के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक नियंत्रण तंत्र मौजूद हैं या नहीं।

रेड्डी ने सुझाव दिया कि जांच के दौरान प्रौद्योगिकी-आधारित निगरानी प्रणालियों का उपयोग किया जाए और नियमित समीक्षा की व्यवस्था की जाए, ताकि कमियों की समय रहते पहचान कर उन्हें दूर किया जा सके।

उन्होंने कहा कि इससे व्यवस्था संबंधी खामियां दूर होंगी, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी और एससीसीएल की दक्षता, पारदर्शिता तथा विश्वसनीयता मजबूत होगी।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर कोयला कंपनी के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने और एससीसीएल से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े सभी कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने का भी अनुरोध किया।

भाषा योगेश प्रेम

प्रेम