नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज भारत में अगले तीन साल में खनन, एल्युमिनियम और तांबा कारोबार समेत विभिन्न क्षेत्रों में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
कंपनी इसके अलावा 50,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त विकास परियोजनाओं पर भी विचार कर रही है। इससे कुल संभावित निवेश योजना एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
कंपनी की 67वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करते हुए बिड़ला ने कहा, ‘हिंडाल्को भारत में अपनी खदानों तथा अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम कारोबार की क्षमता बढ़ाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा निवेश कर रही है। कंपनी ने पूरी मूल्य श्रृंखला में रणनीतिक विस्तार परियोजनाओं के लिए 50,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इसके अलावा 50,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश अवसरों का भी मूल्यांकन किया जा रहा है।’
बिड़ला ने कहा कि संभावित एक लाख करोड़ रुपये का यह निवेश कंपनी की वृद्धि की गति को तेज करेगा और उसे भारत में धातु उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने की मजबूत स्थिति में लाएगा।
उन्होंने कहा कि उन्नत धातु एवं सामग्री की घरेलू मांग बढ़ने के बीच हिंडाल्को उत्पादन से लेकर मूल्यवर्धित उत्पादों तक पूरी मूल्य श्रृंखला में निवेश कर रही है। इसका उद्देश्य उत्पादन क्षमता का विस्तार करना, कच्चे माल की उपलब्धता को सुरक्षित करना और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विनिर्माण क्षमता विकसित करना है।
बिड़ला ने कहा कि आदित्य स्मेल्टर के चरणबद्ध विस्तार का काम तय समय के अनुसार हो रहा है, जिससे कंपनी की एल्युमिनियम गलाने (स्मेल्टिंग) की क्षमता में 3.74 लाख टन की वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि कंपनी विद्युतीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा और बुनियादी ढांचा क्षेत्र से बढ़ती मांग को देखते हुए अपने तांबा कारोबार का भी विस्तार कर रही है। वडोदरा स्थित इनर-ग्रूव्ड ट्यूब्स संयंत्र में उत्पादन शुरू हो गया है और वर्ष के दौरान इसकी क्षमता धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘इन निवेश के साथ हिंडाल्को 10 लाख टन क्षमता वाला एकीकृत और डाउनस्ट्रीम आधारित तांबा कारोबार विकसित कर रही है। इससे कंपनी चीन के बाहर दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी तांबा कंपनी बनने की स्थिति में पहुंच जाएगी।’
भाषा योगेश अजय
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