Hyundai Car Price Hike: कार खरीदने की सोच रहे लोगों को बड़ा झटका, इस कंपनी ने वाहनों के दाम बढ़ाने का किया ऐलान, जानिए अब देने होंगे कितने रुपए?

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कार खरीदने की सोच रहे लोगों को बड़ा झटका, इस कंपनी ने वाहनों के दाम बढ़ाने का किया ऐलान, Hyundai Car Price Hike Latest News

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  • Publish Date - May 27, 2026 / 03:49 PM IST,
    Updated On - May 27, 2026 / 05:41 PM IST

नई दिल्लीः Hyundai Car Price Hike:  वाहन बनाने वाली हुंडई मोटर इंडिया लि. ने बुधवार को अपने वाहनों के दाम मॉडल और संस्करण के आधार पर 12,800 रुपये तक बढ़ाने की घोषणा की। कच्चे माल की लागत में वृद्धि के कारण कंपनी ने यह कदम उठाया है। हुंडई मोटर ने आठ अप्रैल, 2026 को शेयर बाजार को दी सूचना में कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण अगले महीने से अपने सभी वाहनों की कीमतों में एक प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की थी।

कंपनी ने बुधवार को बयान में कहा, ‘‘मूल्य वृद्धि अधिकतम 12,800 रुपये तक होगी और यह मॉडल और संस्करण के आधार पर अलग-अलग होगी।’’ हुंडई ने कहा कि कच्चे माल की बढ़ती लागत और उच्च परिचालन खर्चों सहित अन्य कारणों से मूल्य वृद्धि आवश्यक हो गई है। कंपनी ने कहा, ‘‘हालांकि, कंपनी लागत को अनुकूलतम स्तर पर लाने और अपने ग्राहकों पर प्रभाव को कम करने के लिए लगातार प्रयासरत है, लेकिन कंपनी इस मामूली मूल्य वृद्धि के माध्यम से बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा बाजार में हस्तांतरित करने के लिए मजबूर है।’’

मारुति कार भी महंगी होंगी

Hyundai Car Price Hike:  देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया भी जून 2026 से अपने सभी व्हीकल की कीमतों में 30,000 रुपए तक की बढ़ोतरी करेगी। कंपनी ने इसके पीछे बढ़ती इनपुट लागत और महंगाई से लगातार पड़ रहे दबाव का हवाला दिया है। कंपनी ने फाइलिंग में जानकारी देते हुए कहा था कि कीमतों में यह बदलाव सभी मॉडलों पर लागू होगा। हालांकि, प्राइस हाइक की लिमिट हर व्हीकल के हिसाब से अलग-अलग होगी। बता दें कि कई मारुति के पोर्टफोलियो में वैगनआर, स्विफ्ट, फ्रोंक्स, अर्टिगा, डिजायर जैसी कई नंबर-1 कार शामिल हैं। कंपनी ने कहा कि वह लागत कम करने के अपने इंटरनली कुछ उपायों के जरिए बढ़ी हुई लागत के एक हिस्से को खुद उठाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन अब वह इस बोझ का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालेगी। फाइलिंग में आगे कहा था कि अब तक, कंपनी लागत को अनुकूलित करने और अपने ग्राहकों पर पड़ने वाले असर को कम करने के प्रयास कर रही थी। हालांकि, अब यह जरूरी हो गया है कि बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा बाजार पर डाला जाए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि ग्राहकों पर पड़ने वाला असर कम से कम हो।

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