हुंदै मोटर इंडिया का मुनाफा चौथी तिमाही में 22.2 प्रतिशत घटकर 1,255.63 करोड़ रुपये

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हुंदै मोटर इंडिया का मुनाफा चौथी तिमाही में 22.2 प्रतिशत घटकर 1,255.63 करोड़ रुपये

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  • Publish Date - May 8, 2026 / 04:57 PM IST,
    Updated On - May 8, 2026 / 04:57 PM IST

नयी दिल्ली, आठ मई (भाषा) हुंदै मोटर इंडिया लिमिटेड का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 22.22 प्रतिशत घटकर 1,255.63 करोड़ रुपये रहा। मुख्य रूप से अधिक खर्च के कारण कंपनी का लाभ घटा है।

कंपनी का वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही में शुद्ध लाभ 1,614.35 करोड़ रुपये था।

मोटर वाहन विनिर्माता कंपनी ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में परिचालन आय बढ़कर 18,916.15 करोड़ रुपये हो गई जबकि एक साल पहले समान तिमाही में 17,940.28 करोड़ रुपये थी। इस दौरान कुल खर्च 15,974.46 करोड़ रुपये से बढ़कर 17,571.66 करोड़ रुपये हो गया।

हुंदै के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपये अंकित मूल्य वाले प्रत्येक शेयर पर 21 रुपये के लाभांश की सिफारिश की है।

समूचे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ घटकर 5,431.52 करोड़ रुपये रहा जो 2024-25 में 5,640.21 करोड़ रुपये था। कुल एकीकृत परिचालन आय 69,192.89 करोड़ रुपये से बढ़कर 70,763.33 करोड़ रुपये हो गई।

कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तरुण गर्ग ने कहा, ‘‘ 2025-26 ऐसा वित्त वर्ष रहा जिसमें हमने चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच अवसरों का लाभ उठाने की अपनी क्षमता दिखाई। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती, रणनीतिक उत्पाद पहल, मजबूत निर्यात मात्रा और ‘विकास की गुणवत्ता’ पर निरंतर ध्यान देने से इसे समर्थन मिला।’’

वित्त वर्ष 2026-27 पर उन्होंने कहा, ‘‘ हमने वर्ष की शुरुआत मजबूत आधार के साथ की है। अप्रैल में घरेलू बिक्री मात्रा में सालाना आधार पर 17 प्रतिशत वृद्धि हुई है। हमें उम्मीद है कि यह सकारात्मक गति जारी रहेगी और उच्च मांग वाले खंडों में नए उत्पादों की शुरुआत एवं अन्य रणनीतिक पहलों के सहारे घरेलू बाजार में आठ से 10 प्रतिशत मात्रा वृद्धि की उम्मीद है।’’

उन्होंने कहा कि कंपनी की बढ़ी हुई संयंत्र क्षमता और मजबूत संचालन उसे वर्ष के दौरान संभावित विकास अवसरों का तेजी से लाभ उठाने में सक्षम बनाता है।

निर्यात के बारे में गर्ग ने कहा, ‘‘ हम भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि हमें 8-10 प्रतिशत मात्रा वृद्धि दर्ज करने का भरोसा है जिससे उभरते बाजारों के केंद्र के रूप में हमारी स्थिति और मजबूत होगी।’’

उन्होंने कहा कि भविष्य की वृद्धि योजनाओं को समर्थन देने के लिए दूसरे चरण के विस्तार के बाद पुणे संयंत्र की क्षमता में और 70,000 इकाई की वृद्धि की जाएगी। इससे 2030 तक कंपनी की कुल क्षमता 11.4 लाख इकाई हो जाएगी।

भाषा निहारिका रमण

रमण