(तस्वीरों के साथ)
पटना, आठ मई (भाषा) बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई)-4 की अधिसूचना जारी करने में हो रही देरी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को तितर-बितर करने के लिए पटना पुलिस ने शुक्रवार को बल प्रयोग किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पटना के पुलिस अधीक्षक (एसपी-मध्य) दीक्षा ने कहा, ‘‘प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया।’’
हालांकि, विद्यार्थियों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज भी किया।
बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई)-4 के अभ्यर्थियों ने बड़ी संख्या में पटना महाविद्यालय से विरोध मार्च निकाला था और वे डाकबंगला चौराहा की ओर बढ़ रहे थे, इसी दौरान गांधी मैदान के पास पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
बिहार में बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षा के माध्यम से 46 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति की उम्मीद है, लेकिन परीक्षा की अधिसूचना अप्रैल 2026 की तय समयसीमा के बाद भी जारी नहीं की गयी है।
शुक्रवार को पदभार ग्रहण करने वाले शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बीपीएससी टीआरई-4 समेत सभी लंबित भर्तियां जल्द पूरी की जाएंगी।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अब कोई भी भर्ती लंबित नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में मैं यह सुनिश्चित करने का प्रयास करूंगा कि शिक्षा क्षेत्र बिहार के समग्र विकास की मजबूत नींव बने।’’
तिवारी ने कहा, ‘‘पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित की थी तथा नई सरकार इसे और आगे बढ़ाएगी।’’
प्रदर्शन मार्च का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता दिलीप कुमार ने पूर्व शिक्षा मंत्री सुनील कुमार पर अभ्यर्थियों को झूठा आश्वासन देने का आरोप लगाया।
उन्होंने उम्मीद जताई कि तिवारी इस मुद्दे का शीघ्र समाधान करेंगे।
इधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने शिक्षक अभ्यर्थियों पर बल प्रयोग किए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर शुक्रवार को निशाना साधा और आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की मांगों को सुनने के बजाय उन पर लाठियां बरसा रही है।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यादव ने ‘एक्स’ पर लिखा, “अपने-अपने बच्चे को मंत्री बना लो, युवाओं पर लाठी चला दो।”
उन्होंने आरोप लगाया कि राजग नेताओं ने अपने बच्चों को बिना किसी चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी के मंत्री बना दिया, जबकि राज्य के लाखों युवाओं से चुनाव से पहले शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4 की ‘वैकेंसी’ जारी करने का जो वादा किया गया था, वह पूरा नहीं किया गया।
यादव ने कहा कि सरकार गठन के छह महीने बाद भी टीआरई-4 का विज्ञापन जारी नहीं किया गया है और जब अभ्यर्थी ‘वैकेंसी (रिक्त पद)’ की मांग कर रहे हैं तो उन पर लाठियां बरसाई जा रही हैं।
इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने भी शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।
राम ने बयान जारी कर कहा कि बिहार सरकार अपने हक की मांग कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों को सड़कों पर दौड़ा-दौड़ा कर पीट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाठीचार्ज और बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन है।
उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा अभ्यर्थियों, यहां तक कि महिला अभ्यर्थियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया, जो ‘‘अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय’’ है।
भाषा कैलाश
राजकुमार
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