आईजेएमए ने एक अप्रैल से कच्चे जूट के निजी व्यापार पर प्रतिबंध लगाने की मांग की

आईजेएमए ने एक अप्रैल से कच्चे जूट के निजी व्यापार पर प्रतिबंध लगाने की मांग की

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  • Publish Date - January 17, 2026 / 01:38 PM IST,
    Updated On - January 17, 2026 / 01:38 PM IST

कोलकाता, 17 जनवरी (भाषा) इंडियन जूट मिल्स एसोसिएशन (आईजेएमए) ने केंद्र सरकार से कच्चे जूट की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने और फाइबर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।

उद्योग निकाय ने इसके साथ ही 31 मार्च के बाद निजी व्यापारियों द्वारा कच्चे जूट के व्यापार पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव भी दिया है।

जूट आयुक्त अमृत राज को लिखे पत्र में, एसोसिएशन ने कहा कि मिलों के पास कच्चे जूट की उपलब्धता में भारी कमी आई है। सिर्फ दिसंबर 2025 में भंडार में लगभग 1.25 लाख गांठों की गिरावट आई है, जबकि दक्षिण बंगाल के टीडीएन-3 ग्रेड के जूट की कीमतें बढ़कर 13,000 रुपये प्रति क्विंटल के अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई हैं।

एसोसिएशन का दावा है कि इस स्थिति ने कई मिलों को उत्पादन बंद करने या इसमें भारी कटौती करने के लिए मजबूर कर दिया है, जिससे 75,000 से अधिक श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं।

कीमतों में वृद्धि को रोकने के लिए आईजेएमए ने प्रस्ताव दिया कि व्यापारियों, डीलरों, स्टॉकिस्टों और एजेंसियों को अपने कच्चे जूट के भंडार को बेचने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया जाना चाहिए, जिसके बाद कच्चे जूट में किसी भी प्रकार का निजी व्यापार अवैध माना जाए।

भाषा पाण्डेय

पाण्डेय