गुवाहाटी, आठ जुलाई (भाषा) असम विधानसभा में बुधवार को बताया गया कि 2021 से अब तक पांच वर्षों में 36 हजार से अधिक लोगों को विदेशी घोषित किया गया है लेकिन इनमें से अब तक केवल 196 लोगों को ही बांग्लादेश वापस भेजा जा सका है।
कांग्रेस विधायक मोहिबुर रहमान के सवाल के लिखित जवाब में सीमा संरक्षण एवं विकास मंत्री अतुल बोरा ने बताया कि 2021 से मई 2026 तक विदेशी न्यायाधिकरण (एफटी) ने कुल 36,358 लोगों को विदेशी घोषित किया है।
उन्होंने बताया, “इनमें से 196 लोगों को असम से बांग्लादेश वापस भेजा गया है।”
बोरा ने वर्षवार आंकड़े देते हुए बताया कि वर्ष 2021 में 7,151 लोगों को विदेशी घोषित किया गया, इसके बाद 2022 में 9,028, वर्ष 2023 में 6,859, वर्ष 2024 में 6,178, वर्ष 2025 में 5,106 और वर्ष 2026 में अब तक 2,036 लोगों को विदेशी घोषित किया गया।
कानूनी प्रावधानों के अनुसार, असम में किसी व्यक्ति को विदेशी घोषित करने का अधिकार केवल विदेशी न्यायाधिकरण (एफटी) को है और अगर उसके फैसले से संबंधित व्यक्ति संतुष्ट नहीं होता, तो वह इसके खिलाफ उच्च अदालत का रुख कर सकता है।
असम समझौते के अनुसार, 25 मार्च 1971 या उसके बाद असम आने वाले सभी विदेशियों की पहचान की जाएगी, उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे और उन्हें देश से बाहर भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब रायजोर दल के विधायक अखिल गोगोई ने मंत्री अतुल बोरा से पूछा कि इस समय असम में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों की सही संख्या क्या है।
जब बोरा ने कहा कि फिलहाल उनके पास विधानसभा में पेश करने के लिए इस संबंध में कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, तो विपक्षी विधायक ने कहा कि फिर सदन मंत्री की कही हर बात पर क्यों भरोसा करे।
भाषा जितेंद्र प्रशांत
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