आईएमएफ मिशन नियामक, न्यायिक प्रणाली का करेगा निरीक्षण: पाकिस्तान सरकार

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आईएमएफ मिशन नियामक, न्यायिक प्रणाली का करेगा निरीक्षण: पाकिस्तान सरकार

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  • Publish Date - February 10, 2025 / 01:14 PM IST,
    Updated On - February 10, 2025 / 01:14 PM IST

इस्लामाबाद, 10 फरवरी (भाषा) अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) मौजूदा सात अरब अमेरिकी डॉलर की विस्तारित निधि सुविधा (ईएफएफ) के तहत प्रशासनिक तथा भ्रष्टाचार से जुड़ी कमजोरियों को दूर करने के लिए पाकिस्तान की न्यायिक तथा नियामक प्रणाली का निरीक्षण करेगा।

वित्त मंत्रालय ने रविवार को कहा, आईएमएफ का एक तकनीकी मिशन छह प्रमुख प्रशासनिक क्षेत्रों और संस्थानों का निरीक्षण करने के लिए शहर में है। यह निरीक्षण एक सप्ताह तक चलेगा।

समाचार पत्र ‘डॉन न्यूज’ की खबर के अनुसार, पाकिस्तान ने भ्रष्टाचार से लड़ने, समावेशी विकास का समर्थन करने तथा व्यवसायों व निवेशों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए आईएमएफ के साथ संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने की गत अक्टूबर में प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।

मंत्रालय ने कहा, इसके परिणामस्वरूप जुलाई 2025 तक शासन व भ्रष्टाचार निदान मूल्यांकन (जीसीडीए) पर एक रिपोर्ट प्रकाशित करने के लिए संरचनात्मक मापदंड निर्धारित किए गए हैं। यह महत्वपूर्ण प्रशासनिक और भ्रष्टाचार से जुड़ी कमजोरियों का विश्लेषण करेगा और आगे बढ़ने के लिए प्राथमिकता वाले संरचनात्मक सुधारों की पहचान करेगा।

सूत्रों ने बताया कि मिशन वित्तीय, राजस्व और चुनाव निकायों के नेतृत्व के अलावा उच्च न्यायपालिका के प्रमुख सदस्यों के साथ भी बातचीत करेगा और उनकी प्रक्रिया की समीक्षा करेगा।

आईएमएफ ने 1997 में आर्थिक कामकाज के लिए एक नीति अपनाई थी जो प्रशासनिक मुद्दों में आईएमएफ की भूमिका पर मार्गदर्शन नोट में सन्निहित है।

इस नीति के कार्यान्वयन को और मजबूत करने के लिए आईएमएफ ने 2018 में शासन पर उन्नत सहभागिता के लिए एक नया ढांचा (शासन नीति) अपनाया, ताकि शासन की कमजोरियों के संबंध में सदस्य देशों के साथ अधिक व्यवस्थित, प्रभावी, स्पष्ट व निष्पक्ष सहभागिता को बढ़ावा दिया जा सके।

विश्लेषण के बाद, जीसीडीए कमजोरियों से व्यवस्थित रूप से निपटने के लिए सिफारिशों को प्राथमिकता देता है और उन्हें अनुक्रमित करता है।

भाषा निहारिका

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