लखनऊ, 21 जून (भाषा) अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रविवार को लखीमपुर खीरी और एटा समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों के मदरसों में शिक्षकों और छात्रों ने योगाभ्यास किया।
लखीमपुर खीरी से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, खीरी शहर के मदरसा दारुल उलूम हनफिया में योग के बारे में जागरूकता का एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया।
योग प्रशिक्षक कुलदीप वर्मा ने बताया कि मदरसे के छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ इसमें हिस्सा लिया और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग आसन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया।
वर्मा ने बताया कि उन्होंने नियमित अभ्यास के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक फायदों तथा अनुशासन और सकारात्मकता पर जोर दिया और इस साल की थीम ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ के बारे में भी जानकारी दी।
इसरार अहमद नाम के एक छात्र ने कहा कि उसे योग करने में आनंद की अनुभूति हुई और उसने योग प्रशिक्षक से समय-समय पर प्रशिक्षण देने का अनुरोध किया।
रिपोर्ट के अनुसार मदरसे में हाफिज वाशी अहमद, हाफिज इकरार अहमद और हाफिज शाबान ने भी इस कार्यक्रम में सहयोग दिया।
एटा से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे जिले के मदरसों में कार्यक्रम आयोजित किये गये।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रजनी शुक्ला ने बताया कि ज़िले के सभी 29 मदरसों को योग दिवस के लिए योग कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे।
शुक्ला ने बताया कि इस साल मदरसों में बड़ी संख्या में मुस्लिम बच्चों ने योग किया और उन्हें योग से होने वाले स्वास्थ्य लाभों और इसे नियमित रूप से करने के महत्व के बारे में बताया गया।
उन्होंने बताया कि जलेसर तहसील इलाके के मदरसा चिश्तिया शौक-ए-रसूल और मकसूदपुर स्थित मदरसा सैयद रहमत दारुल उलूम के साथ-साथ एटा तहसील के मरहारा ब्लॉक में जामिया अल-रसूल के छात्रों ने सामूहिक योग सत्र में भाग लिया।
शुक्ला ने बताया कि इन कार्यक्रमों के दौरान, बच्चों ने योग के अलग-अलग आसन और प्राणायाम किया।
जामिया अल-रसूल के छात्र उमर ने कहा कि उसे योग करना अच्छा लगता है।
उमर ने कहा कि योग शरीर को स्वस्थ रखता है और मन-मस्तिष्क को शांति देता है। उसने यह भी बताया कि उसके पिता भी रोज सुबह योग करते हैं।
इसके अलावा बाराबंकी, अमेठी, रायबरेली, गोरखपुर, बलरामपुर, बहराइच और गोंडा समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों के मदरसों में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया।
भाषा सं. सलीम शफीक
शफीक