नयी दिल्ली, 21 जून (भाषा) अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इस सप्ताह भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण पर दो दिवसीय वार्ता करेंगे। यह बातचीत समझौते के प्रारंभिक ढांचे को अंतिम रूप देने पर केंद्रित रहेगी।
गोयल ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा, “व्यापार समझौते को लेकर मेरे समकक्ष कल दिल्ली आ रहे हैं।”
यह बैठक इस महीने की शुरुआत (दो से चार जून) में राष्ट्रीय राजधानी में हुई मुख्य वार्ताकार स्तर की चर्चाओं के बाद हो रही है।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने हाल ही में कहा था कि दोनों मंत्रियों के बीच होने वाली बातचीत का उद्देश्य समझौते के ढांचे को अंतिम रूप देना होगा।
गोयल ने पांच जून को कहा था कि भारत और अमेरिका सभी लंबित मुद्दों को सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और दोनों पक्ष अगले महीने के मध्य तक बीटीए के पहले चरण को अंतिम रूप देने की उम्मीद रखते हैं।
अमेरिका द्वारा 24 फरवरी, 2026 को सभी व्यापारिक साझेदारों पर लगाए गए 10 प्रतिशत अस्थायी शुल्क की अवधि 24 जुलाई को समाप्त हो जाएगी। इसके बाद अमेरिका द्वारा आयातित वस्तुओं पर सर्वाधिक तरजीही देश (एमएफएन) शुल्क लागू होगा।
अस्थायी शुल्क एमएफएन शुल्क के अतिरिक्त लगाया गया है। इसलिए 24 जुलाई से पहले अमेरिका को नया शुल्क ढांचा लागू करना होगा।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) कार्यालय ने मार्च में भारत सहित कई देशों के खिलाफ धारा 301 के तहत एकतरफा जांच दो मामलों में शुरू की थी। ये जांच वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में कथित बंधुआ मजदूरी और ‘अत्यधिक उत्पादन क्षमता’ से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है।
यूएसटीआर ने दो जून को भारत समेत 54 देशों पर 12.5 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा था। यह शुल्क बंधुआ मजदूरी से बने उत्पादों के आयात पर प्रभावी रोक लगाने में विफल रहने के आरोप में लगाने की बात कही गई थी।
यह प्रस्ताव अभी अंतिम नहीं है। इस पर हितधारक 22 जून तक सुनवाई में भाग लेने के अनुरोध और बयान जमा कर सकते हैं। यूएसटीआर सात जुलाई को सुनवाई करेगा।
दूसरी जांच की रिपोर्ट अभी लंबित है।
भाषा अजय योगेश
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