बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता सुधरने से एआरसी के कारोबार पर असर नहींः एआरसीआईएल एमडी
बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता सुधरने से एआरसी के कारोबार पर असर नहींः एआरसीआईएल एमडी
मुंबई, तीन सितंबर (भाषा) बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता सुधरने से परिसंपत्ति पुनर्गठन कंपनियों (एआरसी) के कारोबारी अवसरों पर कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है। आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की तैयारियों में जुटी एआरसीआईएल के शीर्ष अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।
एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया लिमिटेड (एआरसीआईएल) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी फणींद्रनाथ काकर्ला ने कहा कि निकट भविष्य में खुदरा क्षेत्र की तनावग्रस्त परिसंपत्तियां कॉरपोरेट परिसंपत्तियों की तुलना में तेजी से बढ़ सकती हैं, क्योंकि हाल के वर्षों में कर्ज वृद्धि मुख्य रूप से खुदरा क्षेत्र में हुई है।
बैंकों की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) के दशक के निचले स्तर पर आ जाने से एआरसी के दीर्घकालिक अवसरों पर असर पड़ने के सवाल पर काकर्ला ने कहा कि देश का कुल ऋण आधार ही तनावग्रस्त परिसंपत्तियों के लिए बड़ा संभावित बाजार उपलब्ध कराता है।
उन्होंने कहा, ‘‘देश में कुल प्रणालीगत ऋण 200 लाख करोड़ रुपये से अधिक है… और जहां ऋण होता है, वहां तनावग्रस्त परिसंपत्तियों का होना स्वाभाविक है।’’
मार्च 2026 तक एआरसीआईएल की बुक में कॉरपोरेट क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 68.5 प्रतिशत, लघु एवं मझोले उद्यमों (एसएमई) की आठ प्रतिशत और शेष खुदरा क्षेत्र की थी।
काकर्ला ने कहा कि खुदरा क्षेत्र में तनावग्रस्त परिसंपत्तियों का बढ़ना ऋण चक्र और खुदरा क्षेत्र में हुई तेज कर्ज वृद्धि, दोनों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट, रियल एस्टेट, असुरक्षित खुदरा और सुरक्षित आवास ऋण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कर्ज का चक्र बदलता रहता है और एआरसीआईएल इसके अनुरूप अपने कारोबार को ढालने के लिए तैयार है।
कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) प्रमोद गुप्ता ने कहा कि पिछले चार वर्षों में औसत वसूली करीब 3,500 करोड़ रुपये रही है और कंपनी शुरुआती प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) का 22-25 प्रतिशत वसूल रही है।
एआरसीआईएल शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने वाली पहली स्वतंत्र एआरसी बनने जा रही है। उसका आईपीओ पूरी तरह बिक्री पेशकश (ओएफएस) है। इसके लिए मूल्य दायरा 132-139 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।
कंपनी का निर्गम नौ सितंबर को खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। शेयर बाजार में इसकी सूचीबद्धता 17 सितंबर को होने की संभावना है।
भाषा प्रेम प्रेम योगेश
योगेश

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